कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें कथित विवादित बयान मामले में अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है।
यह मामला उस समय सामने आया था जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की थी, जिस पर कई राज्यों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किए जाने की आशंका थी।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का अहम हिस्सा है, हालांकि इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। अदालत ने पवन खेड़ा को गिरफ्तारी से राहत देते हुए जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
इस फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है, जबकि विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
पवन खेड़ा को मिली यह राहत फिलहाल अस्थायी है और मामले की आगे की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी रहेगी।
कोर्ट में अभिषेक सिंघवी का बड़ा बयान, सुनवाई के दौरान रखी ये अहम दलीलें
पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज मामलों में एक ही बयान को आधार बनाकर अलग-अलग राज्यों में FIR दर्ज की गई हैं, जो कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा है और इस पर आपराधिक कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि सभी FIR को एक जगह ट्रांसफर किया जाए, ताकि अलग-अलग जगहों पर बार-बार पेशी से बचा जा सके। सिंघवी ने यह भी तर्क दिया कि इस तरह की कार्रवाई से राजनीतिक प्रतिशोध की झलक मिलती है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले ही पवन खेड़ा को अंतरिम राहत दी थी, जिससे उन्हें गिरफ्तारी से बचाव मिला। अगर आप चाहें तो मैं इस पूरे केस की टाइमलाइन या कोर्ट के अंतिम फैसले की डिटेल भी बता सकता हूँ।
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