जब डीएम पहुंचे क्लासरूम में गुरु बनकर, बच्चों के सवालों से हुआ सामना

News Saga Desk

मोतीहारी : बिहार के मोतीहारी जिले में एक अनोखा और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब जिलाधिकारी (डीएम) अचानक एक सरकारी स्कूल के क्लासरूम में शिक्षक बनकर पहुंच गए। उनके इस अनोखे अंदाज़ ने न सिर्फ बच्चों को चौंका दिया, बल्कि पूरे माहौल को उत्साह और जिज्ञासा से भर दिया।

डीएम ने बच्चों के साथ सीधे संवाद करते हुए पढ़ाई शुरू कर दी। उन्होंने सामान्य ज्ञान, गणित और जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल पूछे। शुरुआत में बच्चे थोड़े संकोच में नजर आए, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने भी खुलकर जवाब देना शुरू कर दिया।

इस दौरान बच्चों ने भी डीएम से कई दिलचस्प सवाल पूछे। किसी ने पूछा कि डीएम बनने के लिए कितनी पढ़ाई करनी पड़ती है, तो किसी ने उनके दैनिक जीवन और जिम्मेदारियों के बारे में जानने की जिज्ञासा दिखाई। डीएम ने सभी सवालों का बेहद सरल और प्रेरणादायक तरीके से जवाब दिया।

डीएम ने बच्चों को मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि अगर बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने सपनों के प्रति ईमानदार रहें, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

स्कूल के शिक्षकों और प्रशासन ने डीएम के इस पहल की सराहना की। उनका मानना है कि इस तरह की पहल से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और पढ़ाई के प्रति रुचि भी जागृत होती है।

यह अनूठा प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संदेश देता है और दिखाता है कि प्रशासनिक अधिकारी भी जमीनी स्तर पर जाकर बच्चों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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