News Saga Desk
झारखंड के बोकारो से एक बेहद मार्मिक और दिल झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। सड़क हादसे में पहले पिता की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मां ने भी रांची स्थित रिम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब तीन मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं और उनकी आंखों में सिर्फ आंसू और भविष्य की चिंता बाकी है।
यह मामला चंदनक्यारी प्रखंड के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, दुबेकांटा के पास हुए सड़क हादसे में सपन मांझी की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिनका इलाज रांची रिम्स में चल रहा था। सोमवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
दंपति के पीछे दो बेटे विमल मांझी, विधुत मांझी और एक बेटी पल्लवी रह गए हैं। माता-पिता की मौत के बाद तीनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद संबंधित वाहन चालक की ओर से 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में वह भी मुकर गया।
मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने बोकारो के उपायुक्त जयनाथ झा को बच्चों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने और पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सीएम के निर्देश के बाद बोकारो डीसी ने बताया कि मंगलवार को बीडीओ और सीओ बच्चों के घर पहुंच रहे हैं। बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। डीसी ने कहा कि पूरे मामले की मॉनिटरिंग वे स्वयं कर रहे हैं।
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