News Saga Desk
पलामू: झारखंड के पलामू जिले में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जिले का तापमान लगातार 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिसके कारण बिजली और पेयजल की समस्या गहराती जा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्णा किशोर की अध्यक्षता में मंगलवार को पलामू समाहरणालय सभागार में विद्युत व्यवस्था एवं पेयजलापूर्ति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पलामू राज्य का सबसे गर्म जिला है और ऐसे समय में आम लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान अनावश्यक बिजली कटौती लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती है, इसलिए विद्युत विभाग पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करे।
समीक्षा बैठक में विद्युत विभाग के महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता श्रवण कुमार ने बताया कि जिले में वर्तमान समय में लगभग 250 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, जबकि केवल 186 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है। इस प्रकार जिले में करीब 64 मेगावाट बिजली की कमी बनी हुई है। इस पर मंत्री ने पीक आवर के दौरान बिजली आपूर्ति की स्थिति की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को लोड प्रबंधन को बेहतर बनाने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को अधिकतम समय तक निर्बाध बिजली मिल सके।
बैठक में छत्तरपुर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों को 12 मेगावाट तथा घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग पांच मेगावाट बिजली उपलब्ध करायी जा रही है। इस पर मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही भविष्य में बढ़ती मांग को देखते हुए विद्युत ट्रांसमिशन व्यवस्था को और मजबूत करने पर बल दिया।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने जिले में संचालित चापाकलों की संख्या, खराब पड़े चापाकलों की स्थिति तथा तकनीकी खराबियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खराब चापाकलों की मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए और उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाए जहां पेयजल संकट अधिक गहरा है।
मंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों, बाजारों और बस पड़ावों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि राहगीरों और आम लोगों को राहत मिल सके। इस पर उपायुक्त ने बताया कि प्रशासन द्वारा लगातार पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है।
बैठक में नए चापाकल लगाने, विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति तथा खराब पड़ी जलमीनारों के संचालन की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गयी। मंत्री ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने और आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
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