News Saga Desk
रांची: हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की योजनाओं, विद्यालयों की आधारभूत संरचना, शिक्षकों की नियुक्ति और विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की सभी शैक्षणिक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से छात्र-छात्राओं तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार झारखंड के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
ड्रॉप आउट मामलों में सुधार, राष्ट्रीय औसत से आगे झारखंड
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। झारखंड इस मामले में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। श्रम विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मजदूरी या अन्य कार्यों में लगे बच्चों को चिन्हित कर उनका स्कूलों में नामांकन कराया जा रहा है। साथ ही किताब, पठन-पाठन सामग्री और साइकिल वितरण कार्य भी समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम कमजोर है, वहां शिक्षकों की उपलब्धता, संसाधनों और सुविधाओं में सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
5 हजार सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी
झारखंड विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना पर तेजी से काम किया जाए, ताकि पंचायत स्तर तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाई जा सके।
उन्होंने निर्देश दिया कि अगले 6 से 8 महीनों के भीतर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे संचालित न हो। विद्यालय प्रबंधन समितियों के सहयोग से योग्य स्थानीय युवाओं, विशेषकर छात्राओं, को शिक्षण कार्य से जोड़ने पर जोर दिया गया।
शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के रिक्त पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और नव नियुक्त शिक्षकों का वेरिफिकेशन कार्य इस माह के अंत तक पूरा कर समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
सरकारी स्कूलों में इंटरनेट और ICT लैब पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने और ICT लैब को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था से बच्चों का शैक्षणिक स्तर और बेहतर होगा।
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की व्यवस्था की जाए।
शहीद पुलिस कर्मियों के बच्चों के लिए बनेगा “दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय”
बैठक में जगुआर कैंपस, रांची में प्रस्तावित “दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय” की स्थापना को लेकर प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय निर्माण के लिए 6 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर इस परियोजना की DPR राज्य सरकार को सौंपी जाए। यह विद्यालय शहीद पुलिस कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा।
बैठक में मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजेश प्रसाद और निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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