NEWS SAGA DESK
रांची में झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार, एंबुलेंस खरीद में अनियमितता, दवा बर्बादी और नियम विरुद्ध सेवा विस्तार के मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है।
मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का अड्डा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग जनता की सेवा के बजाय कमाई का जरिया बन गया है और राज्य में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मरांडी ने कहा कि वर्ष 2022 में करीब 55.58 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई 206 एंबुलेंसों का सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया और वे लंबे समय तक नामकुम में बेकार पड़ी रहीं। इसके बावजूद अब लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से 237 नई एंबुलेंसों की खरीद के लिए निविदा जारी की गई है। उन्होंने इसे सरकारी धन की खुली बर्बादी बताया।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के गोदामों में करोड़ों रुपये की जीवनरक्षक दवाएं एक्सपायर हो गईं, लेकिन उन्हें मरीजों तक नहीं पहुंचाया गया। कोविड काल में ऑक्सीजन टैंक परियोजना में भी अनियमितता का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अनुभवहीन कंपनियों को नियमों की अनदेखी कर ठेका दिया गया।
उन्होंने जेएमएचआईडीपीसीएल में कंसलटेंट के रूप में कार्यरत शैलेंद्र श्रीवास्तव की नियुक्ति और सेवा विस्तार को भी नियम विरुद्ध बताया। मरांडी ने कहा कि जिस नियुक्ति में मुख्यमंत्री की सहमति आवश्यक हो, वहां नियमों को नजरअंदाज कर सेवा विस्तार देना सत्ता के दुरुपयोग का संकेत है।
बाबूलाल मरांडी ने पूरे मामले का दोबारा ऑडिट कराने, रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राज्यसभा चुनाव में भाजपा के चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर दल को चुनाव लड़ने का अधिकार है। प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव और प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।
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