चितरपुर गांव में खूनी खेल: चालक राजकुमार यादव की मौत, नाजुक हालत में पिता रिम्स रेफर, मां-बेटी अस्पताल में भर्ती।
News Saga Desk
झारखंड के कोडरमा थाना क्षेत्र के चितरपुर गांव में बुधवार रात अपराधियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी चालक राजकुमार यादव (40) की हत्या कर दी गई, जबकि उनके माता, पिता और 15 वर्षीय पुत्री को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। नाजुक हालत को देखते हुए पिता को रिम्स रेफर किया गया है। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने गुरुवार सुबह शव के साथ कोडरमा थाना के सामने मुख्य सड़क को जाम कर दिया है। विधायक ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले की शिकायतों पर कार्रवाई होती तो यह घटना नहीं घटती।
कोडरमा थाना क्षेत्र के चितरपुर गांव में बुधवार की रात कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी चालक 40 वर्षीय राजकुमार यादव (पिता दशरथ यादव) की हत्या कर दी गई। वहीं घटना में उनकी 15 वर्षीया पुत्री सोनिका कुमारी, मां 55 वर्षीया सुधा देवी तथा पिता 60 वर्षीय दशरथ यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। पिता दशरथ यादव की स्थिति अत्यंत नाजुक है , जिन्हें रिम्स रेफर किया गया है। माँ और पुत्री का इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही विधायक डॉ. नीरा यादव सदर अस्पताल पहुंचीं और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। विधायक ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस पहले से मिल रही शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। इधर स्थानीय लोगों ने गुरुवार सुबह को शव के साथ कोडरमा थाना के सामने सड़क जाम कर दिया है।
कोडरमा थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध
विधायक डॉ नीरा यादव ने बताया कि रात में बुधवार को राजकुमार मेरे साथ झुमरीतिलैया से लौटा था। उसने शाम को बताया था कि गांव में कुछ लोग मां को गड्ढा में डालकर उसपर मिट्टी भर रहा है।
उस समय मैने कोडरमा थाना प्रभारी विकास पासवान से फोन पर बात की थी और तुरंत गांव में पुलिस बल भेजने को कहा था।
पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, ड्यूटी के बाद राजकुमार जब घर पहुंचा उसके थोड़ी देर बाद मुझे खबर मिली कि उसे मारकर बुरी तरह घायल कर दिया है और सदर अस्पताल लाया गया है।
जब हम सदर अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उसकी मौत हो गयी है। घटना में राजकुमार के पिता दशरथ यादव भी गंभीर रूप से घायल हुए जिन्हें रिम्स भेजा गया है और बहुत नाजुक स्थिति है। पुत्री और मां भी घायल है।
पूरी घटना सोच समझकर साजिश के साथ अंजाम दिया गया है। इस घटना में कोडरमा थाना प्रभारी की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध है। वहीं जब मामले की जानकारी कोडरमा एसपी को दी गई तो ना तो खुद पहुंचे और ना ही कोई कार्रवाई हुई है।
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