NEWS SAGA DESK
वाराणसी : दिल्ली में हाल ही में हुए होटल अग्निकांड के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गुरुवार को होटलों और गेस्ट हाउसों की अग्निशमन एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक जांच की गई। अभियान में मुख्य अग्निशमन अधिकारी अपनी टीम के साथ शामिल रहे और शहर के विभिन्न होटलों में सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया।
छावनी क्षेत्र स्थित होटल क्लार्क समेत कई प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरणों की स्थिति की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान जिन होटलों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं पाया गया, उन्हें चेतावनी दी गई। साथ ही संबंधित होटल प्रबंधन के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
इसी क्रम में गोमती जोन के अपर पुलिस उपायुक्त नृपेन्द्र ने थाना बड़ागांव क्षेत्र के होटल संचालकों के साथ बैठक कर पर्यटकों और आमजन की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी होटल और गेस्ट हाउस वैध लाइसेंस के तहत संचालित हों तथा लाइसेंस परिसर में प्रदर्शित किया जाए। होटल में ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पहचान पत्र के आधार पर सत्यापन और रजिस्टर में अनिवार्य प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में होटल परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया। आवश्यकता पड़ने पर यह फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने होटलों में फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, उनकी नियमित जांच और प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए स्पष्ट रूप से चिन्हित इमरजेंसी एग्जिट बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता पोस्टर लगाने, डिजिटल लेन-देन में सतर्कता बरतने और होटलों के आसपास व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। अधिकारियों ने स्वच्छता बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की भी अपील की।
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