भारत लौटे CJP संस्थापक अभिजीत, दिल्ली में प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

News Saga Desk

दिल्ली में आज कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का बहुचर्चित प्रदर्शन शुरू हो चूका है। इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके राजधानी पहुंच चुके हैं। हाथों में बाबा साहेब की किताब लिए अभिजीत एयरपोर्ट से बाहर निकले उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए पहले ही अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने और आंदोलन को पूरी तरह संवैधानिक दायरे में रखने की अपील की थी। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है।

दिल्ली पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए समर्थकों से मुलाकात को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज और एक पुस्तक साथ लाने का आग्रह किया। साथ ही प्रदर्शनकारियों से पुलिसकर्मियों को सम्मान और सद्भावना के प्रतीक के रूप में फूल भेंट करने की अपील की। दीपके ने कहा कि यह आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

दरअसल, सीजेपी का यह प्रदर्शन नीट, सीबीएसई, सीयूईटी और एसएससी जैसी परीक्षाओं से जुड़े कथित मामलों में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग को लेकर किया जा रहा है। संगठन शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं में सुधार की मांग उठाता रहा है। इसके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। सोशल मीडिया पर इस अभियान को युवाओं का व्यापक समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।

गौरतलब है कि अभिजीत दीपके इस आंदोलन में भाग लेने के लिए अमेरिका से भारत लौटे हैं। उन्होंने पहले भी स्पष्ट किया था कि आंदोलन पूरी तरह संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत संचालित होगा। जंतर-मंतर पर होने वाला यह कार्यक्रम सीजेपी का पहला बड़ा जमीनी प्रदर्शन माना जा रहा है। इससे पहले संगठन मुख्य रूप से सोशल मीडिया अभियानों के जरिए अपनी बात रखता रहा है।

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी प्रदर्शन का समर्थन करते हुए युवाओं से शांति बनाए रखने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने प्रतिभागियों को केवल जरूरी सामान साथ रखने की सलाह दी है। वांगचुक ने यह भी कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जाता है तो वह छह सप्ताह तक अनशन करेंगे। उन्होंने आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

दूसरी ओर, प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, दिल्ली की सीमाओं और अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कोई औपचारिक अनुमति आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था, लेकिन सोशल मीडिया पर चल रही गतिविधियों को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं सीजेपी ने भी प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों के लिए दिशा-निर्देश जारी करते हुए किसी भी प्रकार के उकसावे से बचने, अहिंसक रहने और पुलिस के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील की है।

अब सभी की नजरें जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन पर टिकी हैं। देखना होगा कि सीजेपी का यह पहला बड़ा जमीनी आंदोलन कितना असर छोड़ता है और सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

Read More News

राज्यसभा चुनाव : हेमंत सोरेन-भूपेश बघेल मुलाकात से बढ़ी सियासी हलचल, JMM-कांग्रेस की रणनीति पर सबकी नजर

झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल की अहम बैठक...

नितिन नवीन झारखंड दौरा: रामगढ़ और बोकारो में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का भव्य स्वागत, जगह-जगह पुष्पवर्षा

News Saga Desk नितिन नवीन झारखंड दौरा के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का रामगढ़ और बोकारो जिले...

Read More