कुडू-उदयपुरा बाइपास सड़क निर्माण कार्य के दौरान कंपनी कर्मी को व्हाट्सएप पर धमकी, पुलिस ने दर्ज की FIR, मामले की जांच शुरू
Varanasi-Ranchi Economic Corridor के तहत बन रही 810 करोड़ रुपये की कुडू-उदयपुरा फोरलेन सड़क परियोजना में रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। राहुल सिंह गिरोह के नाम पर व्हाट्सएप संदेश भेजकर निर्माण कंपनी से लेवी की मांग की गई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
News Saga Desk
कुडू-उदयपुरा बाइपास सड़क निर्माण में रंगदारी मांगने का मामला
झारखंड में निर्माणाधीन Varanasi-Ranchi Economic Corridor परियोजना के तहत बन रही कुडू-उदयपुरा बाइपास सड़क के निर्माण कार्य में रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कुख्यात राहुल सिंह गिरोह के नाम पर निर्माण कंपनी के एक कर्मी को व्हाट्सएप संदेश भेजकर लेवी की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि “मैनेज” नहीं किया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
यह घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों में भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी है।
810 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना
कुडू से उदयपुरा तक बनने वाली यह फोरलेन सड़क परियोजना Varanasi-Ranchi Economic Corridor का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लगभग 810 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही यह सड़क क्षेत्र के विकास, यातायात सुविधा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई जा रही है।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद झारखंड और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क और अधिक मजबूत होगा। साथ ही व्यापार, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि यह परियोजना राज्य और केंद्र सरकार दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
व्हाट्सएप पर भेजी गई धमकी
सूत्रों के अनुसार, निर्माण कंपनी के एक कर्मी को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर पहले “मैनेज” करने को कहा गया। संदेश में यह भी संकेत दिया गया कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
धमकी देने वाले ने खुद को राहुल सिंह गिरोह से जुड़ा बताया। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संदेश वास्तव में गिरोह के किसी सदस्य ने भेजा था या किसी अन्य व्यक्ति ने गिरोह के नाम का इस्तेमाल किया है।
पुलिस अब तकनीकी जांच के जरिए व्हाट्सएप नंबर और संदेश भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है।
पुलिस ने दर्ज की FIR
मामले की जानकारी मिलते ही कुडू थाना पुलिस सक्रिय हो गई। सूचना के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रद्धा केरकेट्टा, पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर आजाद और थाना प्रभारी अजीत कुमार निर्माण स्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस अधिकारियों ने निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों से बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी ली। इसके बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई और जांच शुरू कर दी गई।
थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि राहुल सिंह के नाम पर व्हाट्सएप संदेश भेजकर धमकी दी गई थी। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है।
आर्थिक परियोजनाओं पर अपराधियों की नजर
झारखंड में बड़ी विकास परियोजनाओं के दौरान रंगदारी और लेवी मांगने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। सड़क, पुल, रेलवे और खनन परियोजनाओं में कार्यरत कंपनियों को कई बार असामाजिक तत्वों द्वारा धमकी देने के मामले सामने आए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि करोड़ों रुपये की लागत वाली परियोजनाएं अक्सर अपराधियों के निशाने पर रहती हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत होती है ताकि विकास कार्य बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सकें।
Varanasi-Ranchi Economic Corridor जैसी राष्ट्रीय महत्व की परियोजना में इस तरह की घटना प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।
निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होने देने की तैयारी
पुलिस और प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि परियोजना के निर्माण कार्य को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और जरूरत पड़ने पर निर्माण स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जा सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्माण कंपनी के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता धमकी भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करना है। तकनीकी जांच, मोबाइल नंबर की ट्रैकिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि धमकी वास्तव में किसी संगठित गिरोह की ओर से दी गई थी या फिर किसी ने डर पैदा करने के उद्देश्य से गिरोह का नाम इस्तेमाल किया था। तब तक पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
No Comment! Be the first one.