CJP Protest News में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को सफल बताते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई और सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया।
News Saga Desk
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP फाउंडर का बड़ा बयान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र पहुंचे अभिजीत दीपके ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते या उन्हें हटाया नहीं जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
रविवार को छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बातचीत करते हुए दीपके ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन काफी हद तक सफल रहा और इसमें लगभग 7,000 लोगों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है और यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार की नीतियों ने युवाओं और छात्रों की एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि यदि अगले सात दिनों के भीतर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा। दीपके ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह जल्द ही इंस्टाग्राम लाइव के माध्यम से आगे की रणनीति साझा करेंगे।
परिवार को मिली धमकियों का भी किया जिक्र
अभिजीत दीपके ने बताया कि वह अपने माता-पिता से मिलने महाराष्ट्र पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय से वह अपने परिवार से नहीं मिल पाए थे। दीपके ने दावा किया कि हाल के दिनों में उनके माता-पिता को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और कथित धमकियों के कारण उन्हें अपना घर तक छोड़ना पड़ा।
उन्होंने कहा कि अब वह अपने माता-पिता को वापस घर ले जाने का प्रयास करेंगे और परिवार के साथ कुछ समय बिताने के बाद आंदोलन की अगली रणनीति पर काम करेंगे।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का जताया आभार
CJP फाउंडर ने जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल हुए सभी लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद हजारों लोग आंदोलन में शामिल हुए, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी थे।
दीपके ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहें। उनके अनुसार, जनता की एकजुटता ही किसी भी बड़े बदलाव का आधार बन सकती है।
‘जंतर-मंतर का प्रदर्शन सिर्फ ट्रेलर था’
अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि शनिवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन ने इतिहास रच दिया। उन्होंने दावा किया कि हजारों लोगों की मौजूदगी ने सरकार को यह संदेश दिया है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर लोग अब खुलकर अपनी बात रखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले अधिकांश लोग ऐसे थे जिन्होंने इससे पहले कभी किसी आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया था। लेकिन शिक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी नाराजगी और निराशा ने उन्हें सड़क पर उतरने के लिए प्रेरित किया।
दीपके ने कहा कि अगर नागरिक अपनी आवाज नहीं उठाएंगे तो बदलाव संभव नहीं होगा। इसलिए आंदोलन का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना भी है।
आगे क्या होगी आंदोलन की दिशा?
फिलहाल CJP और अभिजीत दीपके की ओर से सरकार को सात दिनों का समय दिया गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया देती है या नहीं। दूसरी ओर, आंदोलन से जुड़े समर्थक भी आगामी रणनीति का इंतजार कर रहे हैं।
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह आंदोलन आगे भी जनसमर्थन जुटाने में सफल रहता है तो शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर नई बहस शुरू हो सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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