पश्चिम बंगाल बजट 2026-27 में पांच नए जिले, सात नई नगरपालिकाएं, नया पुलिस जिला, उत्तर बंगाल में एम्स और कैंसर अस्पताल समेत कई बड़ी घोषणाएं की गईं। जानिए बजट की प्रमुख बातें।
News Saga Desk
कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए राज्य के प्रशासनिक, स्वास्थ्य और शैक्षणिक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्त ने पांच नए जिलों, सात नई नगरपालिकाओं, एक नए उपखंड, नए पुलिस जिले और उत्तर बंगाल में एम्स व कैंसर अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य राज्य में बेहतर प्रशासन, तेज जनसेवा, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार सुनिश्चित करना है। बजट में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी गई है।
पांच नए जिलों का गठन होगा
बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में पांच नए जिलों का गठन शामिल है। सरकार ने कोलकाता, बशीरहाट, सुंदरबन, जंगीपुर और आरामबाग को नए जिलों के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य की बढ़ती आबादी और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए नए जिलों का गठन आवश्यक हो गया है। वर्तमान में कई क्षेत्रों के लोगों को सरकारी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। नए जिलों के गठन से सरकारी सेवाएं आम जनता के और करीब पहुंचेंगी तथा प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
सरकार का मानना है कि इससे राजस्व प्रशासन, कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं की निगरानी और जन शिकायतों के समाधान में भी सुधार होगा।
गोपीबल्लभपुर बनेगा नया उपखंड
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गोपीबल्लभपुर को नया उपखंड बनाने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस कदम से क्षेत्रीय प्रशासन को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण तथा दूरदराज के इलाकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। इससे स्थानीय लोगों को प्रशासनिक सुविधाओं के लिए जिला मुख्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
भरत तिवारी के परिवार के साथ खड़े हुए भोजपुरी स्टार, बोले- न्याय के लिए लड़ाई जारी रखिए
सात नई नगरपालिकाओं की घोषणा
तेजी से बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सात नई नगरपालिकाओं के गठन की घोषणा की है। इनमें शिवमंदिर, गाजोल, चांचल, बेलदा, बधाना, कामारपुकुर और कोलाघाट शामिल हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में आबादी और शहरी सुविधाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। नगरपालिकाओं के गठन से पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, सफाई व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का बेहतर विकास किया जा सकेगा।
नई नगरपालिकाएं बनने से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
कांथी में बनेगा नया पुलिस जिला
राज्य सरकार ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी क्षेत्र में नया पुलिस जिला स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा है।
सरकार का मानना है कि अलग पुलिस जिला बनने से कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा। इसके अलावा अपराध नियंत्रण, त्वरित पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा।
स्थानीय लोगों को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस प्रस्ताव को बजट में शामिल किया गया है।
उत्तर बंगाल में एम्स और कैंसर अस्पताल
बजट की सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संबंधी घोषणाओं में उत्तर बंगाल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और एक आधुनिक कैंसर अस्पताल की स्थापना शामिल है।
सरकार का कहना है कि उत्तर बंगाल के लाखों लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कोलकाता या दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। एम्स और कैंसर अस्पताल बनने से क्षेत्र के लोगों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उत्तर बंगाल के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है।
निजी अस्पतालों के लिए नई नीति
सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए निजी क्षेत्र को भी भागीदारी का अवसर देने का फैसला किया है।
बजट में प्रस्ताव दिया गया है कि निजी अस्पतालों को अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थान स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। हालांकि इसके लिए एक महत्वपूर्ण शर्त रखी गई है कि निजी अस्पतालों को अपनी कुल बेड क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा सरकारी अस्पतालों से रेफर किए गए मरीजों के लिए आरक्षित रखना होगा।
इन मरीजों को मुफ्त या रियायती दरों पर इलाज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मरीजों और परिजनों को मिलेगी राहत
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई, वेल्लोर और अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों में जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को राहत देने के लिए भी विशेष योजना की घोषणा की गई है।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत इन शहरों में कम लागत वाली आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे मरीजों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान रहने और अन्य खर्चों में राहत मिलेगी।
मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ सरकार ने चिकित्सा शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। बजट के अनुसार राज्य के 13 मेडिकल कॉलेजों में कुल 650 नई MBBS सीटें बढ़ाई जाएंगी।
सरकार का मानना है कि इससे मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे और भविष्य में राज्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार MBBS सीटों में वृद्धि से चिकित्सा शिक्षा की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
West Bengal Budget 2026 में प्रशासनिक विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। पांच नए जिलों, सात नगरपालिकाओं, नए पुलिस जिले, उत्तर बंगाल में एम्स और कैंसर अस्पताल तथा 650 नई MBBS सीटों जैसी घोषणाएं राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं का प्रभाव पश्चिम बंगाल के लाखों लोगों के जीवन पर सीधे तौर पर देखने को मिल सकता है।
No Comment! Be the first one.