लातेहार पुलिस ने 20 लाख के इनामी माओवादी रविंद्र गंझू को गिरफ्तार किया। उसके पास से AK-56, पिस्टल, राइफल, 239 कारतूस और अन्य सामग्री बरामद हुई।
News Saga Desk
20 लाख का इनामी माओवादी रविंद्र गंझू गिरफ्तार होने के साथ झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। लातेहार पुलिस ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के रीजनल कमेटी सदस्य रविंद्र गंझू को उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार उसके कब्जे से एक AK-56 राइफल, एक पिस्टल, एक अन्य राइफल, 239 कारतूस और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से संगठन का सक्रिय सदस्य था और कई गंभीर मामलों में वांछित था।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने प्रेस वार्ता में बताया कि सूचना मिली थी कि रविंद्र गंझू अपने गांव, चंदवा थाना क्षेत्र के हेसला बांझीटोला स्थित घर आया हुआ है। सूचना के आधार पर कोबरा-209 बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
उप कमांडेंट दीपक कुमार के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी की। अभियान के दौरान 20 लाख का इनामी माओवादी रविंद्र गंझू गिरफ्तार कर लिया गया और कार्रवाई बिना किसी नुकसान के पूरी की गई।
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया—
- एक AK-56 राइफल
- एक पिस्टल
- एक अन्य राइफल
- 239 कारतूस
- अन्य नक्सली सामग्री
अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों और सामग्री की जांच की जा रही है तथा इन्हें विभिन्न मामलों से जोड़कर भी देखा जाएगा।
16 वर्षों से था माओवादी संगठन में सक्रिय
एसपी कुमार गौरव ने बताया कि 20 लाख का इनामी माओवादी रविंद्र गंझू गिरफ्तार होने से पहले करीब 16 वर्षों तक प्रतिबंधित माओवादी संगठन में सक्रिय रहा। पुलिस के अनुसार उस पर 18 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है।
इसके अलावा लातेहार, पलामू, लोहरदगा, गुमला और रांची सहित विभिन्न जिलों में नक्सली हिंसा, हत्या, विस्फोट, हथियार लूट और अन्य मामलों से जुड़े 154 से अधिक केस दर्ज हैं।
पूछताछ में मिले अहम सुराग
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद रविंद्र गंझू से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान संगठन की गतिविधियों और अन्य सदस्यों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।

इन जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है और सुरक्षा एजेंसियां अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
सुरक्षा बलों का आधिकारिक बयान
एसपी कुमार गौरव ने कहा कि लगातार चलाए जा रहे अभियानों के कारण माओवादी संगठन काफी कमजोर हुआ है। उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय बचे हुए उग्रवादियों से सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
वहीं, सीआरपीएफ के डीआईजी पंकज कुमार ने कहा कि सुरक्षा बलों का अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्रिय उग्रवादियों के पास आत्मसमर्पण का अवसर है, अन्यथा कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख नक्सली घटनाओं में नाम आने का दावा
पुलिस के अनुसार रविंद्र गंझू का नाम पिछले वर्षों में हुई कई बड़ी नक्सली घटनाओं से जुड़ा रहा है। इनमें सुरक्षाबलों पर हमले, आईईडी विस्फोट, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने, हथियार लूटने और लेवी से जुड़े कथित मामले शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन घटनाओं से संबंधित मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया पहले से जारी है।
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सार्वजनिक जानकारी
लातेहार पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपितों एवं नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
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