14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थी मंगलवार को रांची स्थित जेपीएससी कार्यालय का घेराव करेंगे। पारदर्शी भर्ती और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।
14वीं जेपीएससी परीक्षा विवाद पर कल JPSC कार्यालय का घेराव
रांची: 14वीं जेपीएससी परीक्षा को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों और विभिन्न छात्र संगठनों ने मंगलवार को जेपीएससी कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। राजधानी रांची में सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में छात्र नेताओं और अभ्यर्थियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को आयोग और राज्य सरकार के सामने रख रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर उन्होंने पहले भी आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन आयोग की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया गया है।

अभ्यर्थियों ने लगाए अनदेखी के आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि आयोग लगातार अभ्यर्थियों की शिकायतों को नजरअंदाज कर रहा है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में उठाए गए सवालों का स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया, जिससे प्रतियोगी छात्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
छात्र नेताओं ने कहा कि यह केवल कुछ उम्मीदवारों का मामला नहीं, बल्कि राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए सभी अभ्यर्थियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है।
मंगलवार को होगा जेपीएससी कार्यालय का घेराव
आंदोलन की घोषणा करते हुए छात्र संगठनों ने बताया कि मंगलवार को राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचेंगे। इसके बाद शांतिपूर्ण ढंग से जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शन का उद्देश्य आयोग तक अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने प्रशासन से भी सहयोग की अपील की है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
क्या हैं अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें?
अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों ने अपनी मांगों में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, अभ्यर्थियों द्वारा उठाए गए सवालों पर आयोग की स्पष्ट प्रतिक्रिया और पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।
छात्र नेताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
पृष्ठभूमि
14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के आयोजन के बाद से ही कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने भी मामले की जांच और पारदर्शिता की मांग शुरू कर दी। पिछले कुछ समय से इस मुद्दे को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन भी दिए जा चुके हैं।
हालांकि, आयोग की ओर से अब तक इस विवाद पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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आधिकारिक स्थिति
फिलहाल झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) या राज्य सरकार की ओर से मंगलवार के प्रस्तावित घेराव को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे आयोग से संवाद और निष्पक्ष समाधान की उम्मीद रखते हैं।
अब सभी की नजरें मंगलवार को होने वाले प्रदर्शन पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आंदोलन में कितने अभ्यर्थी शामिल होते हैं और इसके बाद आयोग तथा राज्य सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
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