वियतनाम बोट हादसा: मेडिकल सुविधा की कमी से गई कई जानें, बचे यात्रियों का दावा

NEWS SAGA DESK

वियतनाम बोट हादसे में बचे यात्रियों ने दावा किया कि समय पर मेडिकल टीम, ऑक्सीजन और आपातकालीन इलाज मिलता तो कई लोगों की जान बच सकती थी। हादसे में 15 लोगों की मौत हुई।

वियतनाम बोट हादसा: मेडिकल सुविधा की कमी से गई कई जानें, बचे यात्रियों का दावा

नई दिल्ली: वियतनाम में शनिवार को हुए दर्दनाक टूरिस्ट बोट हादसे को लेकर जीवित बचे यात्रियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि हादसे के तुरंत बाद प्रशिक्षित मेडिकल टीम, ऑक्सीजन सपोर्ट और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होतीं, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। इस हादसे में लावा मोबाइल्स से जुड़े 15 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इनमें से दो की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

वियतनाम बोट हादसे

फू क्वोक द्वीप के पास हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार यह हादसा वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास उस समय हुआ, जब पर्यटकों से भरी स्पीडबोट अन थोई पोर्ट लौट रही थी। अचानक तेज लहरों के कारण नाव संतुलन खो बैठी और पलट गई। हादसे के समय नाव में करीब 35 लोग सवार थे।

बचे यात्रियों ने बताई पूरी घटना

रविवार देर रात आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 20 जीवित यात्री हैदराबाद लौटे। इनमें शामिल एक यात्री ने बताया कि हादसे के बाद मौके पर कोई प्रशिक्षित मेडिकल टीम मौजूद नहीं थी। ऐसे में यात्रियों ने अपनी जानकारी के आधार पर डूबे हुए लोगों को सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की।

उन्होंने बताया कि एयर एंबुलेंस की मांग भी की गई, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी। बाद में एंबुलेंस बोट के जरिए गंभीर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

“समय पर इलाज मिलता तो 5-6 जानें बच सकती थीं”

जीवित बचे यात्रियों का दावा है कि यदि मौके पर डॉक्टर, ऑक्सीजन सिलेंडर और आवश्यक मेडिकल उपकरण मौजूद होते, तो कम से कम 5 से 6 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन अपेक्षाकृत तेज था, लेकिन मेडिकल इमरजेंसी की तैयारियां बेहद कमजोर थीं।

एक अन्य यात्री ने बताया कि हादसा नाव के रवाना होने के कुछ ही मिनटों बाद हुआ और तेज लहरों ने नाव को पलट दिया। इस हादसे में उनके कई करीबी दोस्तों की मौत हो गई, जिसकी याद उन्हें हमेशा परेशान करेगी।

कई राज्यों के कर्मचारी थे टूर में शामिल

बताया जा रहा है कि यह टूर कंपनी की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कर्मचारी शामिल थे। हादसे में जान गंवाने वाले आंध्र प्रदेश के तीन कर्मचारियों के शव भारत लाए जा रहे हैं।

वहीं एक गंभीर रूप से घायल कर्मचारी का इलाज हो ची मिन्ह सिटी के अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

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घटना से उठे सुरक्षा और मेडिकल तैयारियों पर सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद समुद्री पर्यटन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन मेडिकल सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सपोर्ट और त्वरित आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता ऐसी घटनाओं में मौतों की संख्या कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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