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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक होगी। जल जीवन मिशन 2.0, शिक्षा सुधार और गंभीर बीमार छात्रों को उपस्थिति में छूट जैसे अहम प्रस्तावों पर फैसला संभव।

झारखंड सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित होगी। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के अनुसार यह बैठक दोपहर 3 बजे रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में शुरू होगी। बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, पेयजल आपूर्ति, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। विभिन्न विभागों की ओर से तैयार एजेंडे में शामिल कई प्रस्ताव ऐसे हैं, जिनका सीधा लाभ राज्य के लाखों लोगों, विशेषकर ग्रामीण आबादी और विद्यार्थियों को मिल सकता है।
जल जीवन मिशन 2.0 पर रहेंगे सबकी नजरें
कैबिनेट बैठक का सबसे अहम एजेंडा जल जीवन मिशन 2.0 माना जा रहा है। हाल ही में झारखंड सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर केंद्र सरकार के साथ समझौता किया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और स्थायी पेयजल व्यवस्था को मजबूत करना, जल स्रोतों का संरक्षण और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना तथा हर घर तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाना है।
यदि इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलती है, तो योजना के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और राज्य के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है।
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बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश करेगा। विभाग की ओर से उच्च शिक्षा से संबंधित पुरानी नियमावलियों में संशोधन का प्रस्ताव रखा जाएगा। इन बदलावों का उद्देश्य राज्य के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है।
सरकार का मानना है कि बदलते समय और नई शिक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप नियमों में संशोधन से उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
गंभीर बीमार छात्रों को मिल सकती है बड़ी राहत
कैबिनेट बैठक में सबसे संवेदनशील और चर्चित प्रस्ताव गंभीर एवं असाध्य बीमारियों से जूझ रहे विद्यार्थियों को राहत देने से जुड़ा है। सरकार थैलेसीमिया, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित छात्रों के लिए 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति की शर्त में छूट देने पर विचार कर सकती है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत नियमित उपस्थिति अनिवार्य होती है, लेकिन लंबे इलाज, अस्पताल में भर्ती रहने और लगातार चिकित्सा प्रक्रियाओं के कारण कई छात्र निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं कर पाते। इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई, परीक्षा और शैक्षणिक सत्र पर पड़ता है।
यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में बड़ी राहत मिलेगी। वे इलाज के साथ-साथ अपनी शिक्षा भी बिना अतिरिक्त दबाव के पूरी कर सकेंगे और उनका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा भेजे गए कई प्रशासनिक, वित्तीय और विकासात्मक प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा। इनमें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, विभागीय सुधार, वित्तीय स्वीकृतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
सरकार की कोशिश राज्य में विकास परियोजनाओं को गति देने और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की है। इसलिए इस बैठक को मौजूदा समय की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठकों में से एक माना जा रहा है।
दोपहर 3 बजे से शुरू होगी बैठक
मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में यह बैठक मंगलवार दोपहर 3 बजे प्रोजेक्ट भवन में शुरू होगी। बैठक समाप्त होने के बाद कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रस्तावों की आधिकारिक जानकारी जारी किए जाने की संभावना है।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले फैसलों का प्रभाव राज्य की विकास योजनाओं, शिक्षा व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर व्यापक रूप से पड़ सकता है
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