धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस का विजय जुलूस, छात्रों के आंदोलन को बताया लोकतांत्रिक संघर्ष की बड़ी जीत

NEWS SAGA DESK

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जमशेदपुर में कांग्रेस ने विजय जुलूस निकाला। जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने इसे छात्रों और युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत बताते हुए नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को विजय जुलूस निकालकर इसे छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष की पहली बड़ी सफलता बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक घटनाक्रम नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों की आवाज की जीत है, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर लगातार आंदोलन किया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में निकला विजय जुलूस साकची स्थित जुबली पार्क गेट से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक इसमें शामिल हुए। जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुराना कोर्ट परिसर के समीप स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल पहुंचा, जहां सभा का आयोजन किया गया। सभा के दौरान नेताओं ने छात्रों के आंदोलन के समर्थन में अपने विचार रखे और केंद्र सरकार से कई मांगें दोहराईं।

नीट पेपर लीक को लेकर कांग्रेस का हमला

सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस शुरू से ही छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने देशभर में आंदोलन चलाकर छात्रों की आवाज बुलंद की और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार पर दबाव बनाया।

उनका कहना था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जनदबाव और लोकतांत्रिक संघर्ष का परिणाम है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की मांग केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

छात्रों पर कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग

परविंदर सिंह ने आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ क्या हुआ और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या थी।

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उन्होंने मांग की कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा अनुचित कार्रवाई सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाए। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस नेताओं ने पेपर लीक प्रकरण से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की भी मांग उठाई। परविंदर सिंह ने कहा कि ऐसे परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए और सरकार को उनके पुनर्वास तथा अन्य आवश्यक सहयोग की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए।

राहुल गांधी के संदेश का किया उल्लेख

सभा के दौरान परविंदर सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संदेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं को उनके संघर्ष की पहली सफलता मिलने पर बधाई दी है और उन्हें आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया है।

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