बंगाल के औद्योगिक विकास को मिलेगी गति: शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। निवेशकों को दिया भरोसा।

News Saga Desk

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। गुरुवार को मिलन मेला मैदान में आयोजित टेक्सटाइल फेयर के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों को पश्चिम बंगाल के विकास के लिए सक्रिय रूप से काम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने उद्योगपतियों और निवेशकों से राज्य में निवेश करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल का औद्योगिक विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय के साथ निवेश को बढ़ावा देने, कारोबार सुगम बनाने और उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

निर्मला सीतारमण से हुई बैठक का किया जिक्र

समारोह में मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री पश्चिम बंगाल के वस्त्र और चाय उद्योग के विकास को लेकर विशेष रुचि रखती हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, बैठक के दौरान सीतारमण ने राज्य के बुनकरों द्वारा तैयार किए जाने वाले उच्च गुणवत्ता वाले वस्त्रों की सराहना की और इस क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से राज्य के वस्त्र उद्योग को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया गया है।

अगस्त में बंगाल आ सकती हैं वित्त मंत्री

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 24 से 28 अगस्त के बीच पश्चिम बंगाल दौरे पर आने की संभावना है। इस दौरान वस्त्र उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ उनकी बैठक कराने की कोशिश की जाएगी।

ऐसी बैठक होने पर राज्य के बुनकरों, कपड़ा कारोबारियों और उद्योग प्रतिनिधियों को अपनी समस्याएं और संभावनाएं सीधे केंद्र के सामने रखने का अवसर मिल सकता है। इससे पश्चिम बंगाल का औद्योगिक विकास और विशेष रूप से टेक्सटाइल सेक्टर को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई है।

निवेशकों को कानून-व्यवस्था का भरोसा

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए सुरक्षित और अनुकूल माहौल बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने दावा किया कि पिछले लगभग पांच दशकों में राज्य की पिछली सरकारों के दौरान पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास की दौड़ में पिछड़ गया। अब सरकार का लक्ष्य राज्य को फिर से औद्योगिक मानचित्र पर मजबूत स्थिति में लाना है।

उन्होंने निवेशकों से कहा कि राज्य में कुशल मानव संसाधन, प्रतिभा और औद्योगिक विकास की पर्याप्त क्षमता मौजूद है। इन संसाधनों का इस्तेमाल करके रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं और अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

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रंगदारी और कट मनी पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य में किसी भी तरह की रंगदारी या कट मनी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने प्रभावी सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम और स्पष्ट भूमि नीति लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सरकार का उद्देश्य बताया गया कि निवेशकों को परियोजनाएं स्थापित करने के लिए जरूरी मंजूरियां और जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए।

टेक्सटाइल फेयर को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि आयोजन में करीब 200 स्टॉल लगाए गए हैं। मेले के दौरान 500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद जताई गई है।

यह आयोजन राज्य के बुनकरों, कपड़ा निर्माताओं और कारोबारियों को अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर प्रदान कर सकता है। इससे स्थानीय उद्योगों को बाजार, निवेश और नए व्यापारिक संपर्क मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले एक महीने के भीतर लगभग 25 उद्योगपतियों को औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटित की जाएगी। सरकार की ओर से इसे निवेश बढ़ाने और औद्योगिक परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे पश्चिम बंगाल का औद्योगिक विकास तेज करने के सरकार के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।

 पश्चिम बंगाल का औद्योगिक विकास

पश्चिम बंगाल में बुनकरों और वस्त्र उद्योग की पुरानी परंपरा रही है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में कपड़ा उत्पादन और हस्तकरघा से जुड़े बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। ऐसे में टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश बढ़ने से छोटे कारोबारियों और बुनकरों को नए बाजार उपलब्ध हो सकते हैं।

टेक्सटाइल फेयर जैसे आयोजन स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने और कारोबारियों के बीच नए संपर्क बनाने में मदद कर सकते हैं।

सरकार की ओर से औद्योगिक निवेश बढ़ाने के प्रयासों का सीधा असर रोजगार के अवसरों पर पड़ सकता है। नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की संभावना रहती है।

यदि सिंगल विंडो सिस्टम, भूमि नीति और कानून-व्यवस्था से जुड़े वादों को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। इससे पश्चिम बंगाल का औद्योगिक विकास आने वाले समय में और तेज होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने टेक्सटाइल फेयर के उद्घाटन के दौरान केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों से औद्योगिक विकास को गति देने की बात कही। उन्होंने निवेशकों को राज्य में सुरक्षित और अनुकूल कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

टेक्सटाइल फेयर में करीब 200 स्टॉल लगाए गए हैं और 500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद जताई गई है। साथ ही अगले एक महीने में करीब 25 उद्योगपतियों को औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटित करने की जानकारी दी गई है। अब देखना होगा कि इन घोषणाओं को जमीन पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है और इससे राज्य में निवेश तथा रोजगार के कितने नए अवसर पैदा होते हैं।

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