खुदिराम बोस के जन्मस्थान मोहबनी में 11 अगस्त को सीएम शुभेंदु अधिकारी पहुंचेंगे। गांव की सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और डाकघर जैसी सुविधाओं पर उम्मीदें टिकी हैं।
News Saga Desk
पश्चिम मेदिनीपुर के मोहबनी गांव में खुदिराम बोस के बलिदान दिवस के अवसर पर 11 अगस्त को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के प्रस्तावित दौरे को लेकर लोगों में उत्साह है। मुख्यमंत्री बनने के बाद पश्चिम मेदिनीपुर का यह उनका पहला दौरा बताया जा रहा है। खुदिराम बोस के जन्मस्थान के रूप में ऐतिहासिक पहचान रखने वाले इस गांव के लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के दौरे से लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को गति मिलेगी। प्रशासन ने भी कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी ने मई 2026 में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
11 अगस्त को मोहबनी पहुंचेंगे मुख्यमंत्री
11 अगस्त को खुदिराम बोस के जन्मस्थान मोहबनी में मुख्यमंत्री का आगमन प्रस्तावित है। प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गांव पहुंचकर कार्यक्रम स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।
जिलाधिकारी बिजिन कृष्ण और पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना ने शनिवार को मोहबनी पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री करीब 20 से 30 मिनट तक मोहबनी में रह सकते हैं।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर गांव में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र की समस्याओं को राज्य सरकार तक पहुंचाने का अवसर भी माना जा रहा है।
विकास की उम्मीदों के बीच स्थानीय समस्याएं
मोहबनी के लोगों का कहना है कि गांव को ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप विकसित करने की जरूरत है। खुदिराम बोस के परिवार के सदस्यों को भी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के सामने गांव की बुनियादी समस्याओं को रखने का अवसर मिलेगा।
खुदिराम बोस के रिश्तेदार पौत्र गोपाल बोस और उनके पुत्र शांति बोस के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी पहले भी मोहबनी आ चुके हैं। हालांकि इस बार उनका आगमन मुख्यमंत्री के रूप में होगा। परिवार का प्रयास रहेगा कि मुलाकात का अवसर मिलने पर गांव की समस्याओं और विकास से जुड़ी जरूरतों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी जाए।
स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ी समस्याओं में जर्जर सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र की सीमित सुविधाएं और विद्यालय की आधारभूत संरचना शामिल हैं। इसके अलावा गांव के डाकघर के पास अभी तक अपना भवन नहीं होने की बात भी सामने आई है। लोगों की मांग है कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि ऐतिहासिक गांव में रहने वाले लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
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10 करोड़ की 21 विकास परियोजनाओं पर काम
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले मोहबनी विकास प्राधिकरण ने भी विकास योजनाओं को गति देने की पहल की है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, केशपुर और गड़बेता-3 प्रखंड में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से 21 विकास परियोजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इन परियोजनाओं में 16 सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य शामिल हैं। इसके अलावा एक बड़े नाले का निर्माण और कई पुलियों की मरम्मत भी प्रस्तावित है। बताया गया है कि 21 में से 13 परियोजनाओं के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं, जबकि बाकी परियोजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है।
इन योजनाओं के पूरा होने से मोहबनी और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। सड़क और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार से स्थानीय लोगों के साथ-साथ खुदिराम बोस की स्मृति से जुड़े पर्यटन और आगंतुक गतिविधियों को भी फायदा मिल सकता है।
खुदिराम बोस की स्मृति को सम्मान देने और उनके जन्मस्थान को विकसित करने की दिशा में वर्ष 2022 में मोहबनी विकास प्राधिकरण का गठन किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहल पर गठित इस प्राधिकरण का उद्देश्य मोहबनी को एक आदर्श गांव के रूप में विकसित करना था।
इसके तहत बाल उद्यान, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास की योजनाएं शुरू की गई थीं। हालांकि स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि इन योजनाओं को अब और व्यापक रूप दिया जाए और गांव की मौजूदा समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री के दौरे से मोहबनी में विकास की नई उम्मीद पैदा हुई है। स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि दौरे के दौरान गांव की समस्याओं को लेकर क्या घोषणाएं होती हैं और पहले से चल रही परियोजनाओं को कितनी तेजी मिलती है।
खुदिराम बोस का जन्मस्थान होने के कारण मोहबनी का ऐतिहासिक महत्व काफी अधिक है। ऐसे में बेहतर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित होने से गांव को पर्यटन और विरासत स्थल के रूप में भी बढ़ावा मिल सकता है।
जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा, यातायात और कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा चुकी है। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, स्थानीय परिवार और ग्रामीण मुख्यमंत्री के सामने सड़क, स्वास्थ्य, विद्यालय और डाकघर से जुड़ी समस्याएं रखने की उम्मीद कर रहे हैं।
फिलहाल सभी की निगाहें 11 अगस्त के प्रस्तावित दौरे पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का मोहबनी दौरा केवल स्मरण और श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खुदिराम बोस के गांव के विकास के लिए ठोस कदमों की शुरुआत भी करेगा।
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