JPSC-JSSC आंदोलनकारी नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत गंभीर है। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी नहीं दी। छात्रों की आगे की रणनीति तय होगी।
रांचीः JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अभी भी गंभीर बनी हुई है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के कारण उनकी सेहत बिगड़ने के बाद अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। सोमवार को उन्हें वापस धरना स्थल पर लाने के लिए रामअवतार महतो समेत कई छात्र अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डिस्चार्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद छात्र धरना स्थल पर लौट गए और अब आंदोलन की आगे की रणनीति वहीं तय की जाएगी।

देवेंद्र नाथ महतो लंबे समय से JPSC, JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, अनियमितता और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत पर प्रतिकूल असर पड़ा और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विमलेश ने बताया कि देवेंद्र महतो की स्वास्थ्य स्थिति अभी सामान्य नहीं है। ऐसे में उन्हें अस्पताल से छुट्टी देना संभव नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखना जरूरी है।
सोमवार को छात्र नेता को धरना स्थल पर वापस लाने पहुंचे छात्र अस्पताल में डॉक्टरों से मिले। उन्होंने देवेंद्र नाथ महतो को डिस्चार्ज करने का आग्रह किया, लेकिन चिकित्सकों ने स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को देखते हुए इसकी अनुमति नहीं दी।
इसके बाद रामअवतार महतो समेत अन्य छात्र अस्पताल से वापस धरना स्थल लौट गए। अब आंदोलनकारी छात्र आपस में चर्चा कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से आंदोलन के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। लंबे समय तक भोजन नहीं लेने के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। हाल की चिकित्सकीय जांच में डिहाइड्रेशन और ब्लड प्रेशर गिरने जैसी स्थिति सामने आने की बात कही गई है। स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में ही रखने का निर्णय लिया है। फिलहाल उनका इलाज चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत खराब होने के बावजूद उनकी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
JPSC-JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग
छात्र आंदोलन का मुख्य मुद्दा JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर है। आंदोलनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
छात्रों की मांग है कि जिन परीक्षाओं को लेकर सवाल उठे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है, जिससे भविष्य में अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा प्रणाली को लेकर किसी तरह का संदेह पैदा न हो।
आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य चयन प्रक्रिया से जुड़ा होता है। ऐसे में किसी भी कथित अनियमितता की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
धरना स्थल पर तय होगी आगे की रणनीति
देवेंद्र नाथ महतो को अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किए जाने के बाद आंदोलनकारी छात्र धरना स्थल पर लौट आए हैं। अब छात्रों के बीच बैठक कर आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
छात्र नेताओं के अनुसार, देवेंद्र नाथ महतो की अनुपस्थिति में भी आंदोलन को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। उनकी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की तैयारी है। हालांकि, आगे की रणनीति में सरकार के साथ बातचीत और आंदोलन के अगले चरण पर भी विचार किया जा सकता है।
सरकार से ठोस पहल की उम्मीद
JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का सिलसिला भी चल रहा है। ऐसे में छात्रों की नजर सरकार की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदम पर है।
इसे भी देखें...Atal Bihari Vajpayee पुण्यतिथि: Babulal Marandi बोले- झारखंड हमेशा अटल जी का ऋणी रहेगा
आंदोलनकारी चाहते हैं कि सरकार परीक्षा से जुड़े आरोपों और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे। छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन के बजाय स्पष्ट और ठोस निर्णय की जरूरत है।
फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में हैं। डॉक्टरों की अनुमति के बिना उन्हें धरना स्थल पर वापस नहीं लाया जा सकता। दूसरी ओर, आंदोलनकारी छात्र धरना स्थल पर आगे की रणनीति तय करने में जुटेंगे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से कोई ठोस समाधान निकलता है या आंदोलन आने वाले दिनों में और आगे बढ़ता है।
No Comment! Be the first one.