NEWS SAGA DESK
अबू दुहुर एयरबेस पर इजरायली हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। तुर्की अधिकारियों के दौरे और इजरायल की चेतावनी को लेकर सीरिया ने अपना पक्ष रखा है।
सीरिया के अबू दुहुर एयरबेस पर इजरायल के हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हमले के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, तुर्की के कुछ अधिकारियों ने हमले से पहले इस एयरबेस का दौरा किया था। इसी घटनाक्रम को लेकर इजरायल की चिंता बढ़ी थी और उसने सीरिया तथा तुर्की को सीरिया में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि को लेकर चेतावनी दी थी। अब सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने तुर्की अधिकारियों के एयरबेस दौरे की पुष्टि की है, लेकिन तुर्की की सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के दावे को खारिज किया है।

अबू दुहुर एयरबेस पर इजरायली हमला क्यों अहम?
अबू दुहुर एयरबेस सीरिया के सैन्य ढांचे से जुड़ा महत्वपूर्ण ठिकाना माना जाता है। यहां इजरायली हमला ऐसे समय हुआ है जब सीरिया में विभिन्न क्षेत्रीय शक्तियों की गतिविधियों को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी हुई है।
इजरायल लंबे समय से सीरिया में किसी भी ऐसी सैन्य गतिविधि को लेकर सतर्क रहा है, जिसे वह अपनी सुरक्षा के लिए संभावित खतरा मानता है। एयरबेस पर तुर्की अधिकारियों के दौरे की जानकारी सामने आने के बाद यह संवेदनशीलता और बढ़ गई।
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तुर्की अधिकारियों ने किया था एयरबेस का दौरा
सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने हमले के 24 घंटे के भीतर स्वीकार किया कि तुर्की के अधिकारियों ने अबू दुहुर एयरबेस का दौरा किया था। उन्होंने इस दौरे को सहयोगी देशों के बीच सैन्य सहयोग का हिस्सा बताया।
असद अल-शैबानी ने हालांकि इस दावे को खारिज किया कि तुर्की इस एयरबेस के जरिए सीरिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाना चाहता था। उनका कहना है कि तुर्की अधिकारियों का दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग से जुड़ा था और इसे किसी बड़े सैन्य विस्तार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
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