बंदगांव थाना प्रभारी 15 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB का एक्शन

NEWS SAGA DESK

पश्चिमी सिंहभूम के बंदगांव थाना प्रभारी मनीष कुमार को ACB ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में विभागीय कार्रवाई भी होगी।

शिकायत मिलने के बाद ACB की टीम ने आरोपों की सत्यता जांचने की प्रक्रिया शुरू की। सत्यापन के दौरान शिकायत सही पाए जाने के बाद ब्यूरो ने आरोपी पुलिस अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए पूरी योजना तैयार की।ACB की इस कार्रवाई का उद्देश्य रिश्वत की मांग और उसके लेन-देन को मौके पर प्रमाणित करते हुए आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार करना था।

शिकायत मिलने के बाद ACB

15 हजार रुपये लेते ही दबोचा

तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर थाना प्रभारी के पास भेजा गया। गुरुवार को करीब दोपहर 1:30 बजे शिकायतकर्ता ने जैसे ही मनीष कुमार को 15 हजार रुपये दिए, पहले से तैयार ACB की टीम ने तत्काल कार्रवाई की।

ब्यूरो के अधिकारियों ने थाना प्रभारी को मौके पर ही पकड़ लिया। टीम ने उनके पास से रिश्वत की रकम के रूप में 15 हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

रिश्वत लेते थाना प्रभारी की गिरफ्तारी से यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है। जांच एजेंसी की ओर से गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

मुकदमे में मदद के नाम पर रिश्वत का आरोप

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, रिश्वत की मांग थाने में दर्ज एक मुकदमे से जुड़ी थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि मामले में मदद करने के बदले उससे पैसे मांगे गए।

इसे भी देखें…रांची सदर अस्पताल में देवेंद्र नाथ समेत आंदोलनकारियों का अनशन खत्म, मंत्री ने पिलाया जूस | Ranchi

हालांकि, रिश्वत लेने के आरोप की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी। ACB की कार्रवाई के आधार पर अब मामले में आगे की जांच की जा रही है। जांच में यह भी सामने आ सकता है कि आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता से किस तरह की मदद के बदले रकम मांगी थी और इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

एसपी ने विभागीय कार्रवाई की बात कही

पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने ACB की कार्रवाई की जानकारी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी ली जा रही है। यदि ACB की कार्रवाई हुई है और आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

एसपी के बयान के बाद अब पुलिस विभाग की आंतरिक कार्रवाई पर भी नजर रहेगी। ACB की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

Read More News

Read More