NEWS SAGA DESK
झारखंड में नौकरी रद्द होने के विरोध में युवाओं का प्रोजेक्ट भवन के सामने धरना जारी है। हाईकोर्ट ने JPSC सिविल सेवा और FSO नियुक्ति रद्द करने पर रोक लगाई।
झारखंड में नौकरी रद्द होने के फैसले के खिलाफ युवाओं का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। रांची के प्रोजेक्ट भवन के समक्ष नियुक्ति गंवाने वाले अभ्यर्थियों ने गुरुवार को तीसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि यदि किसी अभ्यर्थी ने गलत तरीके से नौकरी हासिल की है तो जांच कर उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जिन उम्मीदवारों ने अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर चयन हासिल किया है, उनकी नियुक्ति रद्द करना उचित नहीं है।

इसी बीच झारखंड हाईकोर्ट से नियुक्ति रद्द होने के मामले में कुछ अभ्यर्थियों को राहत मिली है। अदालत ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
प्रोजेक्ट भवन के सामने तीसरे दिन भी प्रदर्शन
नौकरी रद्द होने के विरोध में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के सामने जुटे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में यदि कहीं अनियमितता हुई है तो दोषी लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन कथित गड़बड़ी के लिए उन उम्मीदवारों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए, जिन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियुक्ति पाई है।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नौकरी मिलने के बाद कई युवाओं ने अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभालनी शुरू कर दी थीं। अचानक नियुक्ति रद्द होने से उनके सामने रोजगार और भविष्य का संकट पैदा हो गया है।
हाईकोर्ट ने JPSC और FSO नियुक्तियों पर लगाई रोक
नियुक्त कर्मियों को हटाने संबंधी सरकारी नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है।
अदालत ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
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