JPSC-JSSC Reform: रघुवर दास ने अनशन किया स्थगित, 60 दिन का अल्टीमेटम

NEWS SAGA DESK

JPSC-JSSC Reform आंदोलन के बीच रघुवर दास ने अपना प्रस्तावित अनशन स्थगित कर दिया। छात्रों ने CBI जांच की मांग पर सरकार को 60 दिन का समय दिया है।

रांची: JPSC-JSSC Reform मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे छात्रों के फैसले का सम्मान करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपना प्रस्तावित एकदिवसीय सांकेतिक अनशन स्थगित कर दिया है। छात्रों ने परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की अनुशंसा के लिए राज्य सरकार को 60 दिन का समय दिया है। रघुवर दास ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वह छात्रों के संघर्ष, समर्पण और सरोकार का सम्मान करते हैं और उनके निर्णय के समर्थन में अपना अनशन स्थगित कर रहे हैं।

JPSC-JSSC Reform

छात्रों के इस फैसले के बाद अब सरकार पर 60 दिनों के भीतर उनकी मुख्य मांग पर निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है। आंदोलन की प्रमुख मांग JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की है।

छात्रों के फैसले का रघुवर दास ने किया सम्मान

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि JPSC-JSSC Reform मंच के तहत आंदोलन कर रहे छात्रों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सरकार को CBI जांच की अनुशंसा के लिए 60 दिन का समय दिया है।

रघुवर दास के मुताबिक छात्रों के आंदोलन को भाजपा का नैतिक समर्थन भी प्राप्त है। उन्होंने छात्रों की घोषणा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके संघर्ष और निर्णय का सम्मान करते हुए उन्होंने भी अपना प्रस्तावित अनशन स्थगित करने का फैसला किया।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को एक सप्ताह का समय दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि छात्रों की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह भगवान बिरसा मुंडा स्मारक स्थल पर एकदिवसीय सांकेतिक अनशन करेंगे।

सरकार को एक सप्ताह का दिया था अल्टीमेटम

रघुवर दास ने कहा कि उन्होंने आंदोलनरत छात्रों के मंच से सरकार को चेतावनी दी थी कि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों को माना जाए। ऐसा नहीं होने पर वह उत्पाद सिपाही भर्ती की दौड़ के दौरान जान गंवाने वाले 19 अभ्यर्थियों को श्रद्धांजलि देते हुए अनशन करने वाले थे।

अब छात्रों ने आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर सरकार को 60 दिन का समय दिया है। ऐसे में रघुवर दास ने भी अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया है।

हालांकि, यह आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। छात्रों की ओर से दिया गया 60 दिन का समय सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा। यदि निर्धारित अवधि में उनकी मुख्य मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं होता है, तो आंदोलन आगे किस रूप में बढ़ेगा, इस पर नजर रहेगी।

रघुवर दास ने रखीं तीन बड़ी मांगें

पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने की है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में यदि अनियमितताएं हुई हैं, तो इसकी निष्पक्ष और व्यापक जांच जरूरी है।

दूसरी मांग उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान दौड़ में जान गंवाने वाले 19 झारखंडी-मूलवासी अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है।

तीसरी मांग JSSC CGL परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों को लेकर है। रघुवर दास का कहना है कि यदि परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों पर गड़बड़ी या लेन-देन के आरोप हैं, तो पूरी नियुक्ति रद्द करने के बजाय मेरिट से चयनित और कथित रूप से दागदार अभ्यर्थियों के बीच अंतर किया जाना चाहिए।

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