नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सीएम सम्राट चौधरी ने सीमावर्ती इलाकों का हवाई सर्वे किया, 8 जिलों में अलर्ट है।
नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। गंडक नदी के जलस्तर में उफान से बिहार के सीमावर्ती इलाकों में खतरा बढ़ने की आशंका है। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने आठ जिलों में एहतियाती कदम उठाए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को नेपाल से सटे कई इलाकों का हवाई सर्वे कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। हवाई सर्वे के दौरान बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति देखी गई। सरकार की ओर से प्रशासन को संभावित बाढ़ के मद्देनजर राहत और बचाव से जुड़ी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वे की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। उन्होंने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान संभावित प्रभाव, सुरक्षा व्यवस्था और राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गंडक और कोसी पर विशेष निगरानी
बिहार में बाढ़ का अलर्ट जारी होने के बाद गंडक और कोसी समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। नेपाल से आने वाले पानी की वजह से नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की आशंका रहती है। यही वजह है कि सीमावर्ती जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने और नदी के जलस्तर तथा स्थानीय परिस्थितियों में होने वाले बदलाव की निगरानी करने को कहा गया है। किसी भी तरह की आपात स्थिति पैदा होने पर राहत और बचाव अभियान तेजी से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
NDRF और SDRF हाई अलर्ट पर
बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन की कोशिश है कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में बचाव दल और आवश्यक संसाधन तुरंत पहुंचाए जा सकें।
जिला स्तर पर भी अधिकारियों को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान और स्थानीय स्तर पर तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर ध्यान देने और नदी या जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक जोखिम नहीं लेने की अपील की जा रही है।
No Comment! Be the first one.