रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में डीसी कार्यालय का घेराव किया। खनिज राजस्व को लेकर केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए।
रांची में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को डीसी कार्यालय का घेराव किया। रांची में कांग्रेस का प्रदर्शन केंद्र और राज्य के बीच खनिज राजस्व के बंटवारे को लेकर विरोध का प्रमुख मुद्दा रहा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर झारखंड के खनिज राजस्व में राज्य के हिस्से को प्रभावित करने और इससे राज्य के विकास को कमजोर करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि झारखंड प्राकृतिक और खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। कोयला, लौह अयस्क समेत विभिन्न खनिज संसाधनों से राज्य को मिलने वाला राजस्व विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में खनिज से जुड़े राजस्व में कटौती या भुगतान रोके जाने से राज्य की आर्थिक स्थिति और विकास योजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
डीसी कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
गुरुवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रांची डीसी कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने झारखंड के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
रांची में कांग्रेस का प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व को लेकर केंद्र और राज्यों के अधिकार तथा हिस्सेदारी का मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्य को अपने संसाधनों से होने वाली आय का उचित हिस्सा मिलना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने डीसी कार्यालय का घेराव कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई और राज्य के आर्थिक हितों की रक्षा की मांग की।
खनिज राजस्व को लेकर केंद्र पर निशाना
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से झारखंड को मिलने वाले खनिज राजस्व पर असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिज क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और इससे मिलने वाला राजस्व शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जाता है।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, यदि खनिज संसाधनों से संबंधित भुगतान में देरी होती है या राज्य के हिस्से को प्रभावित किया जाता है, तो इसका सीधा असर राज्य की विकास योजनाओं पर पड़ सकता है। कांग्रेस ने इसे झारखंड के आर्थिक हितों से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
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झारखंड के हितों की रक्षा की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि झारखंड ने देश के औद्योगिक और आर्थिक विकास में लंबे समय से महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्य की खनिज संपदा का उपयोग देशभर में उद्योगों और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में होता है। ऐसे में संसाधन देने वाले राज्य के विकास और स्थानीय आबादी के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
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