नेपाल में भोटेकोशी बाढ़: 15 से अधिक हेलीकॉप्टर उड़ानें

NEWS SAGA DESK

नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत अभियान तेज है। 15 से अधिक हेलीकॉप्टर उड़ानें, 116 लोगों का रेस्क्यू और जरूरी सामान पहुंचाया गया।

नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के अनुसार, गुरुवार सुबह 6:30 बजे से प्रभावित इलाकों के लिए हेलीकॉप्टर उड़ानें शुरू की गईं और सुबह से अब तक 15 से अधिक उड़ानें संचालित हो चुकी हैं। अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों को भी जरूरत पड़ने पर तत्काल अभियान में शामिल करने के लिए तैयार रखा गया है।

भोटेकोशी बाढ़ 

प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित इलाकों में लोगों तक भोजन, पानी, चिकित्सा सामग्री और दूसरी जरूरी सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार ने राहत कार्य के साथ-साथ संचार व्यवस्था बहाल करने और गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर जोर दिया है।

भोटेकोशी बाढ़ के बीच बड़े पैमाने पर राहत अभियान

प्रधानमंत्री शाह ने बताया कि भोटेकोशी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हवाई अभियान लगातार जारी है। दुर्गम इलाकों और प्रभावित मार्गों के कारण हेलीकॉप्टरों के जरिए सहायता पहुंचाने को महत्वपूर्ण विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रभावित क्षेत्रों में जनरेटर, पोर्टेबल मोबाइल टावर, चिकित्सा सामग्री और टेंट भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा लोहे और पत्थर काटने वाली मशीनें भी पहुंचाई जा रही हैं, ताकि बचाव दल को मलबे और अन्य अवरोधों को हटाने में मदद मिल सके।

सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल राहत पहुंचाना ही नहीं, बल्कि प्रभावित इलाकों में जरूरी बुनियादी सेवाओं को भी जल्द से जल्द बहाल करना है।

रसुवा से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

नेपाली सेना की ओर से गुरुवार सुबह चलाए गए बचाव अभियान में रसुवा के टिमुरे क्षेत्र से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इनमें 95 नेपाली नागरिक और 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं। यह रेस्क्यू अभियान भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इसी अभियान के दौरान एक सुरंग में फंसे सात नेपाली नागरिकों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया। इससे यह स्पष्ट है कि बचाव दल को कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है।

हेलीकॉप्टर से लोगों को निकालने के दौरान गंभीर रूप से बीमार लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता देने की बात भी प्रधानमंत्री ने कही है।

संचार व्यवस्था बहाल करने पर जोर

आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और फोन चार्जिंग की सुविधा प्रभावित होने से लोगों के सामने संचार की समस्या भी खड़ी हो सकती है। सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पोर्टेबल मोबाइल टावर और जनरेटर भेज रही है।

प्रधानमंत्री शाह के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में जल्द ही मोबाइल नेटवर्क और मोबाइल फोन चार्जिंग की अस्थायी व्यवस्था शुरू की जाएगी। यह व्यवस्था राहत दलों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि आपदा की स्थिति में परिवारों और बचाव एजेंसियों के बीच संपर्क बनाए रखना बेहद जरूरी होता है।

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