जूनियर एशिया कप 2026 में भारत की पुरुष और महिला टीमें खिताब बचाने उतरेंगी। महिला टीम की नजर तीसरे ताज और पुरुष टीम की छठी खिताबी जीत पर है।
जूनियर एशिया कप 2026 में भारतीय जूनियर पुरुष और महिला हॉकी टीमें अपने-अपने खिताब का बचाव करने के इरादे से मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। चीन के मोकी में 4 से 13 सितंबर तक आयोजित होने वाली इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारत की दोनों टीमें मजबूत दावेदारों में शामिल हैं। महिला टीम लगातार तीसरी बार खिताब जीतने का लक्ष्य लेकर उतरेगी, जबकि पुरुष टीम रिकॉर्ड छठी बार ट्रॉफी अपने नाम करने की कोशिश करेगी। Aयह टूर्नामेंट एशिया की युवा हॉकी प्रतिभाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे सीनियर स्तर की अंतरराष्ट्रीय हॉकी में जगह बनाने का रास्ता मजबूत हो सकता है। ऐसे में भारतीय टीमों के लिए यह केवल ट्रॉफी बचाने की चुनौती नहीं, बल्कि भविष्य के सितारों को परखने का भी बड़ा अवसर है
महिला टीम के सामने हैट्रिक का लक्ष्य
भारतीय जूनियर महिला टीम पिछले दो संस्करणों में चैंपियन रही है और अब उसकी नजर लगातार तीसरे खिताब पर है। टीम की कमान मिडफील्डर खैदेम शिलेम चानू के हाथों में है। नए मुख्य कोच टिम व्हाइट के मार्गदर्शन में टीम ने लंबे समय तक प्रशिक्षण लेकर अपनी रणनीति और संयोजन पर काम किया है।

तैयारी के लिहाज से इंग्लैंड दौरा भारतीय टीम के लिए काफी उपयोगी रहा। जुलाई में टीम ने स्कॉटलैंड की सीनियर महिला टीम तथा अमेरिका, इंग्लैंड और बेल्जियम की जूनियर टीमों के खिलाफ सात मुकाबले खेले। इन मैचों ने खिलाड़ियों को अलग-अलग खेल शैलियों और तेज अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव दिया। कोच टिम व्हाइट ने टीम की तैयारी को लेकर भरोसा जताया है। उनका कहना है कि खिलाड़ियों ने अपनी गेम प्लान पर अच्छी तरह काम किया है और अब एशिया की शीर्ष जूनियर टीमों के खिलाफ उसे लागू करने का समय है।
पुरुष टीम के सामने छठे खिताब की चुनौती
जूनियर एशिया कप 2026 में भारतीय पुरुष टीम भी गत चैंपियन के रूप में उतरेगी। भारत इस प्रतियोगिता में अब तक पांच बार खिताब जीत चुका है और इस बार छठी ट्रॉफी हासिल करना टीम का बड़ा लक्ष्य है। डिफेंडर अनमोल एक्का टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि नए मुख्य कोच फ्रेडरिक सोएज के नेतृत्व में टीम अपनी शुरुआत खिताबी जीत के साथ करना चाहेगी।

पुरुष टीम ने टूर्नामेंट से पहले बेल्जियम में अंतरराष्ट्रीय अंडर-21 टीमों के खिलाफ अभ्यास और प्रतिस्पर्धी मुकाबलों से अनुभव हासिल किया। इसके बाद बेंगलुरु में मलेशिया की अंडर-21 टीम के खिलाफ मैच खेले गए। चीन की परिस्थितियों से तालमेल बैठाने के लिए टीम ने डालियान में भी समय बिताया और मेजबान टीम के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला खेली।
चीन के खिलाफ अंतिम अभ्यास मैच में भारत ने 8-2 की प्रभावशाली जीत दर्ज की। इस प्रदर्शन ने टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाया और टूर्नामेंट से पहले आक्रमण तथा रक्षात्मक संयोजन को परखने का मौका दिया।
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