जन्माष्टमी पर बंशीधर मंदिर फूलों से दुल्हन की तरह सजा। 1280 किलो सोने की राधा-कृष्ण प्रतिमा के दर्शन को यूपी, बिहार और छत्तीसगढ़ से श्रद्धालु पहुंचे।
गढ़वा जिले के श्रीबंशीधर नगर स्थित विश्व प्रसिद्ध बंशीधर मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर भव्य धार्मिक माहौल देखने को मिल रहा है। भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की करीब 1280 किलोग्राम यानी 32 मन शुद्ध सोने की प्रतिमा के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगने लगीं। जन्माष्टमी को लेकर मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक सजावट से दुल्हन की तरह सजाया गया है। आसपास के क्षेत्रों के अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे हैं।

जन्माष्टमी पर भक्तिमय हुआ श्रीबंशीधर नगर
जन्माष्टमी के दिन श्रीबंशीधर नगर का माहौल पूरी तरह कृष्णमय नजर आ रहा है। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। भक्त भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर के आसपास धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण दिखाई दे रहा है।
जन्माष्टमी के विशेष अवसर पर बंशीधर मंदिर की सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों, रोशनी और अन्य सजावटी सामग्रियों से सजाया गया है। भव्य सजावट के बीच भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की स्वर्ण प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है।
32 मन सोने की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र
बंशीधर मंदिर की सबसे बड़ी विशेषताओं में भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की विशाल स्वर्ण प्रतिमा शामिल है। मंदिर में स्थापित प्रतिमा को करीब 32 मन, यानी लगभग 1280 किलो शुद्ध सोने की प्रतिमा बताया जाता है। जन्माष्टमी के अवसर पर इस अद्भुत प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए भगवान के दर्शन का यह अवसर विशेष महत्व रखता है। जन्माष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और इसी कारण इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, सजावट और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्रीबंशीधर नगर में भी जन्माष्टमी को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।श्रीबंशीधर नगर की धार्मिक पहचान आसपास के कई राज्यों तक फैली हुई है। गढ़वा जिले से सटे उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार के विभिन्न इलाकों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन राज्यों के लोगों की बाबा बंशीधर के प्रति गहरी आस्था है।
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जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो जाती है। कई भक्त सुबह-सुबह मंदिर पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं, जबकि अन्य श्रद्धालु दिनभर यहां पहुंचने की तैयारी में हैं। इससे मंदिर परिसर और आसपास के बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई है। जन्माष्टमी पर संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन की ओर से निगरानी की जा रही है।
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