सिमडेगा में नौकरी दिलाने के नाम पर सिक्योरिटी मनी लेकर 5-6 करोड़ की ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
News Saga Desk
सिमडेगा। झारखंड के सिमडेगा जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर सिक्योरिटी मनी के रूप में लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से ठगी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा करीब 5 से 6 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
यह पूरा मामला सिमडेगा जिले के बानो और कुरडेग थाना क्षेत्र के अलावा अन्य प्रखंडों से भी जुड़ा बताया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। शिकायत में वीकेएस फाउंडेशन नामक एनजीओ पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर सिक्योरिटी मनी के नाम पर लोगों से पैसे लेने और बाद में ठगी करने का आरोप लगाया गया था।
नौकरी का झांसा देकर वसूली गई सिक्योरिटी मनी
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, लोगों को अलग-अलग पदों पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया। इसके लिए उनसे सिक्योरिटी मनी और अन्य मदों के नाम पर रकम जमा कराई गई। नौकरी की उम्मीद में कई ग्रामीणों ने अपनी जमा-पूंजी तक आरोपियों को दे दी। बाद में जब नौकरी नहीं मिली तो लोगों को ठगी का एहसास हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिमडेगा पुलिस ने शिकायतों को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के नेटवर्क और पैसों के लेन-देन से जुड़े कई अहम सुराग मिले। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
5-6 करोड़ रुपये की ठगी का अनुमान
पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में करीब 5 से 6 करोड़ रुपये की ठगी का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, ठगी की वास्तविक रकम और पीड़ितों की संख्या का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस अलग-अलग प्रखंडों से सामने आई शिकायतों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने ठगी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी पुलिस के हाथ लगे हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नौकरी के नाम पर कितने लोगों से पैसे लिए गए और इस रकम का इस्तेमाल या लेन-देन किस तरह किया गया। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों को नौकरी के नाम पर ठगी से सावधान रहने की अपील
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन को पैसे देने से पहले पूरी जानकारी की जांच करने की अपील की है। खासकर सिक्योरिटी मनी, रजिस्ट्रेशन फीस या अन्य शुल्क के नाम पर बड़ी रकम मांगने वालों से सावधान रहने की जरूरत है।
सिमडेगा में सामने आया यह मामला बताता है कि नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और ग्रामीणों को आकर्षित कर साइबर या संगठित तरीके से ठगी के नए मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने लाने में जुटी है।
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