UP News: योगी सरकार SHG से जुड़ी महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण देने की तैयारी में है। 20 हजार से शुरू होकर क्रेडिट लिमिट ₹1 लाख तक पहुंच सकती है।
लखनऊ: UP News में महिलाओं से जुड़ी एक बड़ी पहल सामने आई है। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी ग्रामीण और शहरी महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण देने की योजना का ऐलान किया है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के मुताबिक, इस पहल का लक्ष्य करीब एक करोड़ महिलाओं तक आर्थिक मदद पहुंचाना है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और छोटे कारोबार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना भी है।

योजना के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कराने की बात कही गई है। हालांकि, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और ऋण वितरण की अंतिम तारीख से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
तीन चरणों में बढ़ेगी ऋण की राशि
प्रस्तावित योजना के अनुसार, पात्र महिलाओं को शुरुआत में 20 हजार रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा सकता है। पहली किस्त समय पर चुकाने वाली महिलाओं को अगली किस्त के रूप में 30 हजार रुपये तक की राशि मिलने की बात कही गई है। इसके बाद दूसरी किस्त का भुगतान पूरा करने पर क्रेडिट लिमिट को बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक किया जा सकता है। रिपोर्ट में चरणबद्ध तरीके से क्रेडिट सुविधा बढ़ाने का उल्लेख है। इसलिए UP News में सामने आई इस योजना को एकमुश्त एक लाख रुपये का तत्काल लोन समझना सही नहीं होगा। सरकार का जोर ऐसी महिलाओं पर है, जो छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करना चाहती हैं या पहले से चल रहे काम को आगे बढ़ाना चाहती हैं।
छोटे कारोबार और कुटीर उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
ब्याज मुक्त ऋण का इस्तेमाल महिलाएं छोटे कारोबार, कुटीर उद्योग और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों के लिए कर सकेंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को अपने व्यवसाय में निवेश करने और आमदनी बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। SHG के माध्यम से पहले से ही बड़ी संख्या में महिलाएं सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, पशुपालन और अन्य स्थानीय व्यवसायों से जुड़ी हैं। अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलने से ऐसे समूहों को अपने काम का विस्तार करने में मदद मिल सकती है। योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि महिलाओं को वित्तीय सहायता के साथ डिजिटल माध्यमों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
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आईडी कार्ड से डिजिटल पहचान पर जोर
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला स्वयं सहायता समूहों को विशेष आईडी कार्ड देने की तैयारी है। इसका उद्देश्य समूहों को डिजिटल पहचान देने के साथ-साथ डिजिटल भुगतान और UPI जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देना है। इसके अलावा महिलाओं को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री और डिजिटल मार्केटिंग की ट्रेनिंग देने की योजना भी बताई गई है। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
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