शाहरुख खान की पहली कमाई 50 रुपये: समोसे पहुंचाकर जुटाए थे पैसे, फिर देखने गए ताजमहल

NEWS SAGA DESK

शाहरुख खान के जन्मदिन पर पढ़ें उनके संघर्ष और अनसुने किस्से। NSD में समोसे पहुंचाने वाले छोटे शाहरुख से लेकर 50 रुपये की पहली कमाई और ताजमहल की रोमांचक यात्रा तक की पूरी कहानी।

बॉलीवुड के ‘किंग खान’ शाहरुख खान आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने का सपना हर साल लाखों युवा देखते हैं। करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस सुपरस्टार का स्टारडम आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी उन्हें अपनी पहली नौकरी के एवज में सिर्फ 50 रुपये मिले थे और बचपन में वह नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के कलाकारों तक समोसे पहुंचाया करते थे? दिल्ली में बिताए उनके बचपन की यह कहानी बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक है।

NSD से जुड़ाव और कलाकारों के बीच बीता बचपन

शाहरुख खान के जीवन का एक बड़ा हिस्सा दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के इर्द-गिर्द बीता है। अभिनेता पंकज कपूर ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया था कि 1970 के दशक में जब वे NSD में पढ़ाई कर रहे थे, तब नाटकों के इंटरवल में कलाकारों के लिए चाय और समोसे का इंतजाम होता था। उस दौरान लगभग 10 साल के छोटे शाहरुख खान ही कलाकारों तक समोसे पहुंचाया करते थे।

शाहरुख का यह जुड़ाव सिर्फ समोसे पहुँचाने तक सीमित नहीं था। उनके पिता मीर ताज मोहम्मद खान NSD का मेस (कैंटीन) चलाते थे। शाहरुख दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल में पढ़ाई करते थे और स्कूल की छुट्टी के बाद अपनी बड़ी बहन शहनाज ललारुख खान को लेने NSD पहुँचते थे। बहन का इंतजार करते हुए उन्हें वहां अक्सर दो घंटे बिताने होते थे। इसी दौरान उन्होंने नसीरुद्दीन शाह, पंकज कपूर, राज बब्बर, रोहिणी हट्टंगड़ी और अनुपम खेर जैसे दिग्गजों को करीब से देखा और उनकी रिहर्सल व नाटक देखे। राज बब्बर को वह प्यार से ‘बब्बर शेर अंकल’ कहा करते थे। इन महान कलाकारों को मंच पर अभिनय करते देख ही छोटे शाहरुख के मन में अभिनेता बनने का सपना जन्मा था।

थिएटर से अभिनय की सीख और बैरी जॉन का साथ

हालाँकि शाहरुख खान खुद कभी NSD के नियमित छात्र नहीं रहे, लेकिन थियेटर से उनका गहरा नाता रहा। उन्होंने दिल्ली में मशहूर थिएटर निर्देशक बैरी जॉन के ग्रुप के साथ काम किया और अभिनय की बारीकियाँ सीखीं। शाहरुख ने खुद कई साक्षात्कारों में यह माना है कि थिएटर ने उन्हें आवाज पर नियंत्रण, बॉडी लैंग्वेज, धैर्य और रिहर्सल का महत्व सिखाया, जो आगे चलकर उनकी फिल्मी यात्रा में बेहद मददगार साबित हुआ।

पहली कमाई: महज 50 रुपये और ताजमहल की रोमांचक यात्रा

आज शाहरुख खान की गिनती दुनिया के सबसे अमीर कलाकारों में होती है, लेकिन उनकी पहली कमाई सुनकर कोई भी हैरान रह सकता है। उन्हें अपनी जिंदगी की पहली कमाई के तौर पर सिर्फ 50 रुपये मिले थे। यह कमाई उन्होंने दिल्ली में मशहूर गजल गायक पंकज उधास के एक लाइव कॉन्सर्ट में काम करके की थी।

उस कॉन्सर्ट में शाहरुख बतौर ‘उशर’ (Seat Escort) काम कर रहे थे, जिनका काम मेहमानों को उनकी सीट तक पहुँचाना था। इस मेहनत के बदले उन्हें 50 रुपये मिले। उस जमाने के हिसाब से यह रकम उनके लिए बड़ी थी। इस पहली कमाई से उन्होंने कोई लग्जरी चीज नहीं खरीदी, बल्कि अपने दोस्तों के साथ आगरा जाकर ताजमहल देखने का प्लान बना लिया।

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