रांची पुलिस को मिली सफलता: दूध व्यापारी रामू उरांव हत्याकांड का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार

NEWS SAGA DESK

रांची के मांडर में दूध कारोबारी रामू उरांव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 10 साल पुराने जमीन विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया था। पढ़ें इस मामले की पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

राजधानी रांची के ग्रामीण इलाकों में अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए रांची पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में रांची जिले के मांडर थाना क्षेत्र में घटी एक सनसनीखेज और मर्माहत करने वाली घटना का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। टिको टोली स्थित डेयरी के नजदीक हुई दूध कारोबारी रामू उरांव (55 वर्ष) की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पुलिस की कार्यशैली की सराहना की जा रही है।

रांची के मांडर में दूध कारोबारी रामू उरांव
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई गिरफ्तारी?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मांडर थाना क्षेत्र के टिको टोली में दूध कारोबारी रामू उरांव अपनी दैनिक गतिविधियों में व्यस्त थे, तभी अज्ञात अपराधियों ने उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।

घटना की गंभीरता को मध्यनजर रखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तुरंत संज्ञान लिया और ग्रामीण एसपी के कुशल निर्देशन तथा खलारी डीएसपी रामनारायण चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी अनुसंधान, कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय साक्ष्यों का संकलन कर बेहद कम समय में अपराधियों तक पहुँचने में सफलता हासिल की। पुलिस टीम ने छापेमारी करते हुए तीन आरोपियों को 30 अक्टूबर को दबोचा, जबकि दो अन्य आरोपियों को रविवार को ठाकुरगांव थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

10 साल पुराना जमीन विवाद बना हत्या की वजह

पुलिस पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने इस हत्याकांड से पर्दा उठाते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राम जनम सिंह, तेज नारायण सिंह, धुरवा सिंह, कुलदीप सिंह और राजेंद्र सिंह उर्फ विपीन सिंह के रूप में हुई है।

आरंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मृतक रामू उरांव और इन आरोपियों के बीच पिछले करीब दस वर्षों से जमीन के एक टुकड़े को लेकर कानूनी और आपसी विवाद चला आ रहा था। समय के साथ यह रंजिश इतनी गहरी हो गई कि आरोपियों ने दूध कारोबारी को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली। मौका मिलते ही इस सुनियोजित वारदात को अंजाम दिया गया, जिसने एक परिवार को उजाड़ कर रख दिया।

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