तमिलनाडु में अलग राज्यध्वज की मांग पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। मंत्री आधव अर्जुन के तिरंगे के बराबर दर्जे वाले बयान पर बीजेपी ने विरोध जताते हुए बर्खास्तगी की मांग की है।
News Saga Desk
तमिलनाडु की राजनीति में अलग राज्यध्वज की मांग को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके (TVK) सरकार में मंत्री आधव अर्जुन के एक बयान ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। मंत्री ने तमिलनाडु के लिए अलग राज्यध्वज बनाने की मांग करते हुए इसे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे के बराबर दर्जा देने की वकालत की है। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ी आपत्ति जताई है। बीजेपी नेताओं ने इसे देश की एकता और संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए मुख्यमंत्री विजय से मंत्री को कैबिनेट से बर्खास्त करने की मांग की है।
तमिलनाडु दिवस पर मंत्री ने उठाई अलग झंडे की मांग
दरअसल, 1 नवंबर 2026 को तमिलनाडु दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री आधव अर्जुन ने राज्य के लिए अलग ध्वज की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की अपनी अलग पहचान, भाषा और सांस्कृतिक विरासत है। ऐसे में राज्य का अपना ध्वज भी होना चाहिए।
मंत्री ने सुझाव दिया कि तमिलनाडु के लिए एक अलग राज्यध्वज तैयार किया जाए और उसे राष्ट्रीय ध्वज के समान सम्मान दिया जाए। उन्होंने इस मांग को राज्य की पहचान और गौरव से जोड़कर पेश किया। उनके बयान के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।
1 नवंबर और 18 जुलाई को झंडा फहराने का सुझाव
आधव अर्जुन ने केवल अलग राज्यध्वज बनाने की मांग ही नहीं की, बल्कि इसे लेकर एक व्यवस्था लागू करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कानून बनाया जाना चाहिए, जिसके तहत हर साल 1 नवंबर और 18 जुलाई को मुख्यमंत्री सबसे पहले राज्य का झंडा फहराएं।
इसके बाद राज्य के प्रत्येक घर में भी इस ध्वज को फहराया जाना चाहिए। मंत्री के इस सुझाव ने विवाद को और हवा दे दी है। खासकर राष्ट्रीय ध्वज के बराबर दर्जा देने की बात को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं।
दो भाषा नीति के समर्थन में भी दिया बयान
मंत्री आधव अर्जुन ने कार्यक्रम के दौरान तमिल भाषा और शिक्षा नीति को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्कूलों में तमिल मातृभाषा को प्राथमिकता देने और राज्य में दो भाषा नीति जारी रखने का समर्थन किया।
उनका कहना था कि तमिल भाषा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को शिक्षा व्यवस्था में उचित महत्व मिलना चाहिए। इस बयान को भी तमिलनाडु में भाषा और केंद्र की शिक्षा नीति को लेकर चल रही राजनीतिक बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।
बीजेपी ने बताया अलगाववादी सोच, बर्खास्तगी की मांग
मंत्री के बयान पर तमिलनाडु बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेताओं ने अलग राज्यध्वज की मांग को राष्ट्रीय एकता और संविधान की भावना के खिलाफ बताया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि इस तरह के बयान से अलगाववादी मानसिकता को बढ़ावा मिल सकता है।
बीजेपी नेताओं पी. सेल्वम और विनोज सेल्वम समेत अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से आधव अर्जुन को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है। इसके साथ ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है।
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