नीट यूजी री-एग्जाम पर बड़ा अपडेट, वायरल पेपर लीक वीडियो को NTA ने बताया झूठा..

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे NEET UG 2026 पेपर लीक के वीडियो को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि पुनर्परीक्षा देशभर में कड़ी सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। NTA के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक की पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसी ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही, फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ हो रही कार्रवाई

एनटीए ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद से फर्जी वीडियो तैयार करने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

एजेंसी ने छात्रों, अभिभावकों और आम जनता से केवल आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया खातों पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की। एजेंसी ने कहा कि उसके 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया के हकदार हैं।
 

20 लाख से अधिक परीक्षार्थी हुए शामिल

रविवार को आयोजित पुनर्परीक्षा में देशभर के 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेश के 14 केंद्रों पर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा 13 भाषाओं, जिनमें हिंदी और अंग्रेजी भी शामिल हैं, में आयोजित की गई।

एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि पूरे सरकारी तंत्र के समन्वित प्रयासों से महज 37 दिनों के रिकॉर्ड समय में इतनी बड़ी परीक्षा आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि यह केवल एनटीए का नहीं, बल्कि पूरे “टीम भारत” का प्रयास था, जिसमें पुलिस, पर्यवेक्षक, परीक्षा कर्मचारी और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों सहित लगभग सात लाख अधिकारियों ने योगदान दिया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली के ओखला स्थित एनटीए मुख्यालय पहुंचकर पुनर्परीक्षा की तैयारियों और संचालन की समीक्षा की। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंत्री को परीक्षा के पारदर्शी और सुचारु संचालन के लिए किए गए तकनीकी और प्रशासनिक इंतजामों की जानकारी दी गई।

एनटीए ने बताया कि 10,000 से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों सहित सभी परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। इसके अलावा लगभग 81 गंभीर चिकित्सीय परिस्थितियों वाले अभ्यर्थियों, जिनमें सड़क दुर्घटना का शिकार एक बच्चा और कीमोथेरेपी करा रहा एक अभ्यर्थी भी शामिल था, के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

केंद्रों पर किए गए थे खास सुरक्षा इंतजाम

परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन, CCTV निगरानी, जैमर, दो-स्तरीय तलाशी और राज्य पुलिस की सहायता से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। CCTV निगरानी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के अलावा 34 केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों, सभी राज्यों और जिला कलेक्टर कार्यालयों में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए।

महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि कुछ स्थानों पर गलत प्रवेश पत्र, फर्जी एडमिट कार्ड और प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) के मामले सामने आए। कुछ परीक्षार्थियों द्वारा मोबाइल फोन ले जाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के कारण ऐसे प्रयास सफल नहीं हो सके और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

पेपर लीक मामले की जांच जारी

NEET UG पेपर लीक मामले की जांच अभी भी जारी है। इस बीच NTA ने स्पष्ट किया है कि पुनर्परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। एजेंसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कथित पेपर लीक वीडियो को फर्जी बताया है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

Read More News

हेमंत सोरेन ने नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का किया शुभारंभ, बोले- झारखंड की पहचान सिर्फ माइंस नहीं, माइंड्स से भी होगी

हेमंत सोरेन नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन की शुरुआत नई दिल्ली में हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने...

Read More