Dhanbad Muharram Peace Committee Meeting: मुहर्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क
धनबाद में मुहर्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित हुई। उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार ने उपद्रवियों एवं सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी।
माध्यमिक आचार्य नियुक्ति मामला: हाई कोर्ट ने JSSC से मांगा जवाब, अभ्यर्थियों की शिकायतों पर 30 जून को अगली सुनवाई..
NEWS SAGA DESK उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट नहीं मिलने से आपत्ति दर्ज कराने का अवसर गंवाने का दावा, झारखंड हाई कोर्ट ने आयोग से मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण JSSC Secondary Teacher Recruitment Caseमाध्यमिक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया (विज्ञापन संख्या-02/2025) से जुड़े विवाद ने अब न्यायिक मोड़ ले लिया है। झारखंड उच्च न्यायालय ने इस मामले में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जवाब तलब करते हुए विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। अभ्यर्थियों द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया में तकनीकी खामियों और अनियमितताओं के आरोप लगाए जाने के बाद न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लिया है। JSSC Newsइस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से कई महत्वपूर्ण बिंदु अदालत के समक्ष रखे गए, जिनमें परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी (आंसर-की) और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध नहीं कराए जाने का मुद्दा प्रमुख रहा। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की वेबसाइट पर लॉगिन करने के बावजूद वे अपनी उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट नहीं देख सके, जिससे उन्हें चयन प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ा। JSSC Secondary Teacher Recruitment Case सुनवाई के दौरान न्यायालय ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को निर्देश दिया कि वह मामले से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां और स्पष्ट निर्देश प्राप्त कर अगली सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तिथि निर्धारित की है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि परीक्षा के परिणाम और उत्तर कुंजी जारी होने के बाद जब उन्होंने आयोग के पोर्टल पर लॉगिन करने का प्रयास किया, तो उन्हें बार-बार “यूजर डज नॉट एग्जिस्ट” का संदेश दिखाई देता रहा। इस तकनीकी समस्या के कारण वे अपनी उत्तर पुस्तिका से संबंधित विवरण नहीं देख सके। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह समस्या केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं थी, बल्कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थी इससे प्रभावित हुए थे। अभ्यर्थियों ने अदालत को बताया कि उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध नहीं होने के कारण वे निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी भी प्रश्न या उत्तर पर आपत्ति दर्ज नहीं करा सके। उनका तर्क है कि आपत्ति दर्ज कराना प्रत्येक अभ्यर्थी का वैधानिक अधिकार है और आयोग की तकनीकी विफलता के कारण वे इस अधिकार से वंचित रह गए। इससे उनकी मेरिट और अंतिम चयन पर भी प्रभाव पड़ सकता है। याचिका में यह भी कहा गया कि तकनीकी समस्याओं के चलते कई अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर भी नहीं मिला। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, यदि उन्हें समय पर उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराई जाती और आपत्तियां दर्ज करने का मौका मिलता, तो चयन प्रक्रिया में उनकी स्थिति बेहतर हो सकती थी। ऐसे में उन्हें चयन के अगले चरण से बाहर कर देना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस पहलू पर विशेष चिंता जताई कि यदि वास्तव में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी तकनीकी खामियों के कारण प्रभावित हुए हैं, तो यह पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। न्यायालय ने आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर कुंजी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध नहीं हो सकी तथा इस समस्या के समाधान के लिए आयोग ने क्या कदम उठाए। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अदालत को यह प्रतीत होता है कि तकनीकी त्रुटियों के कारण अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं, तो आयोग को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इससे प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत मिलने की संभावना भी बन सकती है। इसे भी देखें :https://youtube.com/shorts/18o6wZuGV80?si=CIHYqyvd26H8-qYy माध्यमिक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया राज्य में लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि हजारों अभ्यर्थी इस भर्ती के माध्यम से शिक्षक बनने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें 30 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब झारखंड कर्मचारी चयन आयोग अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखेगा। यह सुनवाई न केवल प्रभावित अभ्यर्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगी, बल्कि राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं में तकनीकी व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर भी एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित कर सकती है।
20 लाख के बिटुमेन घोटाले में ठेकेदार झमन प्रसाद को तीन साल की सजा, एक लाख का जुर्माना
NEWS SAGA DESK सीबीआई की विशेष अदालत का बड़ा फैसला, 2005-06 के भुरकुंडा-पतरातू सड़क नवीकरण मामले में ठेकेदार दोषी करार; छह अन्य अभियुक्त साक्ष्य के अभाव में बरी Bitumen Scam Case(बिटुमेन) घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ठेकेदार झमन प्रसाद को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी निर्धारित समय के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला वर्ष 2005-06 में भुरकुंडा-पतरातू सड़क खंड के लगभग छह किलोमीटर लंबे हिस्से के नवीकरण कार्य से जुड़ा हुआ है। सड़क निर्माण कार्य में उपयोग होने वाले अलकतरे (बिटुमेन) की खरीद को लेकर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप सामने आए थे। मामले की जांच के बाद सीबीआई ने इसे बड़े वित्तीय घोटाले के रूप में दर्ज किया था। Alkatra Ghotalaसीबीआई की जांच में सामने आया था कि सड़क निर्माण परियोजना के लिए बिटुमेन की खरीद सरकारी एजेंसियों से की जानी थी, लेकिन निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार करते हुए इसकी खरीद निजी एजेंसियों से की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताएं बरती गईं, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। जांच के दौरान करीब 20.23 लाख रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद सात लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था, जिनमें ठेकेदार के अलावा तत्कालीन कनीय और सहायक अभियंता भी शामिल थे। इसके बाद विशेष अदालत में लंबे समय तक मुकदमे की सुनवाई चली। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुशील कुमार ने अदालत में कुल 14 गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्य, सरकारी अभिलेखों और गवाहों के बयानों के आधार पर यह साबित करने का प्रयास किया कि सड़क निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी कर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का विस्तृत परीक्षण करने के बाद ठेकेदार झमन प्रसाद की भूमिका को स्पष्ट रूप से स्थापित माना। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य आरोपी के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त हैं। इसी आधार पर उन्हें दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा और आर्थिक दंड दिया गया। हालांकि, मामले में आरोपित अन्य छह अभियुक्तों के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके चलते अदालत ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। बरी किए गए अभियुक्तों में तत्कालीन चार कनीय अभियंता और दो सहायक अभियंता शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, मामले में बरी किए गए अभियुक्तों में भुनेश्वर महतो वर्तमान में पथ प्रमंडल, गोड्डा में कनीय अभियंता के पद पर कार्यरत हैं, जबकि अन्य अभियंता सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो सके, इसलिए उन्हें दोषमुक्त किया जाता है। झारखंड में अलकतरा घोटाला लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और इससे जुड़े कई मामलों की जांच सीबीआई द्वारा की गई है। ताजा फैसले को भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ एक महत्वपूर्ण न्यायिक कदम माना जा रहा है। अदालत के इस निर्णय से यह संदेश भी गया है कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में वित्तीय गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई कर सकता है। इसे भी देखें:http://AI की बढ़ती रफ्तार से गहरा रहा जल संकट! क्या Chatgpt का हर सवाल खर्च करता है पानी ? करीब दो दशक पुराने इस मामले में आए फैसले ने एक बार फिर सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से वर्षों पुराने मामलों में भी दोषियों को सजा दिलाई जा सकती है।
संतरागाछी-जयपुर नई ट्रेन जल्द शुरू, रांची और टाटानगर के यात्रियों को बड़ी राहत
झारखंड के यात्रियों के लिए खुशखबरी। संतरागाछी से जयपुर के बीच नई साप्ताहिक ट्रेन जल्द शुरू होगी। ट्रेन रांची और टाटानगर होकर चलेगी। जानें पूरा रूट, समय-सारणी और रेलवे की नई योजना।
झारखंड में मौसम का कहर, रांची समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, वज्रपात से 8 लोगों की मौत
झारखंड में मौसम का कहर जारी। रांची समेत कई जिलों में तेज बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी। आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मौत, कई घायल।
कर्रा में क्रिकेट मैच बना काल, वज्रपात से एक युवक की मौत, दर्जनों घायल
खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड में क्रिकेट मैच के दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ वज्रपात हो गया। मैदान में मौजूद खिलाड़ी और दर्शक इसकी चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। घटना के बाद मैदान में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। कई घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम और आकाशीय बिजली की चेतावनी के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचने की अपील की है।
खाकी वर्दी का मानवीय चेहरा: अंधविश्वास के कारण रुका अंतिम संस्कार, थाना प्रभारी ने खुद दिया शव को कंधा
लोहरदगा के सेन्हा थाना प्रभारी नीरज झा ने दो गांवों के बीच श्मशान विवाद सुलझाकर मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने स्वयं शव को कंधा देकर अंतिम संस्कार कराया।
जेपीएससी की एपीपी भर्ती परीक्षा का परिणाम विवादों में, दो सदस्यों की आपत्ति के बावजूद जारी हुआ रिजल्ट
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) भर्ती परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का परिणाम जारी होने के बाद आयोग के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए हैं।
झारखंड के 10 जिलों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी, 26 जून तक येलो अलर्ट
झारखंड में मानसूनी गतिविधियों के असर से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के 10 जिलों में गर्जन के साथ बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।