News Saga Desk
पटना। बिहार विधानसभा में गुरुवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष में मारपीट के हालात पैदा हो गए। तेजस्वी यादव के भाषण के बीच सत्ता पक्ष से टोका टाकी के बीच भाजपा सदस्य जनक सिंह अचानक तेजस्वी की ओर इशारा कर जोर-जोर से कुछ कहने लगे।
इसके बाद तेजस्वी ने उन पर पलटवार किया और कहा कि ज्यादा जोर से बोलेगा तो गीला हो जाएगा। तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद जनक सिंह ने कहा कि तुम क्या बोलेगा हमने तुम्हारे बाप के साथ काम किया है। जनक सिंह के इतना कहते ही राजद विधायक विजय सम्राट अपने स्थान से उठे और तेजी से जनक सिंह की ओर लपके। उनके पीछे माले विधायक सत्येंद्र यादव, मुकेश रोशन भी तेजी से जनक सिंह की ओर लपके और विधानसभा के अंदर मारपीट जैसे हालात बन गए।
दोनों पक्षों के सदस्य लगातार जोर-जोर से बोल रहे थे। इधर, भाजपा की ओर से भी भावज विधायक संजय सिंह विरोधी दल कि ओर की ओर दौड़े। इस बीच मार्शल वहां पहुंच गए। अगर मार्शल बीच में नहीं आते तो मारपीट होना लगभग तय था। इसके बाद दोनों पक्षों के विधायक खासकर विपक्ष के सभी विधायक आक्रामक रूप से सत्ता पक्ष की ओर लपकने लगे। हालांकि, सत्ता पक्ष की ओर से मंत्री श्रवण कुमार और अशोक चौधरी के साथ ही कई विधायक बीच बचाओ की मुद्रा में नजर आए और कोशिश करते दिखे की दोनों पक्षों में मारपीट की स्थिति ना बने।
तभी विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने सदन की कार्रवाई 4:00 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। सदन से उनके जाने के बाद भी विधायकों का गुस्सा कम नहीं हो रहा था दोनों तरफ से विधायक वाद-प्रतिवाद करते नजर आए।
इससे पहले, विवाद की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा पेपर लीक मामले में सम्राट चौधरी की कोशिश की गई कि बिहार में पेपर लीक मामले में पहले स्थान पर है जिस पर सम्राट ने आपत्ति जताते हुए कहा कि बिहार में कोई पेपर लीक नहीं हुआ दोनों के बीच तू तू मैं मैं हुई। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा की जिसे आप खुद अपराधी है वह क्या बोलेगा। चल हट तुम लुटेरा हो लुटेरा। इसके बाद ही जनक सिंह सम्राट चौधरी के पक्ष में खड़े हुए और विवाद बढ़ गया।
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