धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा की मांग को लेकर CJP ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाया। CJP ने तीन मांगों को सरकार के समक्ष रखा जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से हुई बैठक में सरकार ने जवाब देने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा। साथ ही पेपर लीक पर सख्त कानून और वकीलों के पत्र से जुड़े ताजा अपडेट पढ़ें।
News Saga Desk
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर अपनी मांग दोहराई और स्पष्ट किया कि देशभर के युवाओं में भारी नाराजगी है। संगठन का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा से कम कोई भी समाधान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक के बाद केंद्र सरकार ने इस मांग पर अपना आधिकारिक जवाब देने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से बातचीत के अंतिम निष्कर्ष पर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
CJP ने दोहराई धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे की मांग
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई बैठक में CJP नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि युवाओं का भरोसा बहाल करने के लिए धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा जरूरी कदम है।
दिल्ली पुलिस के व्यवहार का मुद्दा भी उठा
बैठक के दौरान CJP ने प्रदर्शनकारियों और वकीलों के साथ दिल्ली पुलिस के कथित दुर्व्यवहार का मामला भी उठाया। इस पर केंद्र सरकार ने जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पेपर लीक पर सरकार का बड़ा फैसला
इस बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा पेपर लीक मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए एक नए विधेयक के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कानून में प्रश्नपत्र लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करना और भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है।
वकीलों ने CJI को लिखा पत्र
इसी बीच देशभर के सैकड़ों वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को पत्र भेजकर 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग की है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई सांसद बिना पूर्व अनुमति हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में एकत्र हुए। वकीलों ने इसे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।
क्या हैं तीन बड़ी मांगें?
1. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
2. पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग।
3. प्रदर्शन के दौरान जिन छात्रों पर FIR दर्ज हुई, सभी को रद किया जाए।
फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा को लेकर CJP अपने रुख पर कायम है, जबकि केंद्र सरकार ने आधिकारिक जवाब के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है। CJP और केंद्र सरकार के बीच करीब 45 मिनट तक चली इस अहम बैठक में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है। सीजेपी की ओर से सरकार के सामने तीन मांगें रखी गईं। हालांकि, सरकार ने सीजेपी से कल यानी शनिवार तक के लिए समय मांगा है।
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