फहीम खान केस में हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, सरकार की याचिका खारिज

NEWS SAGA DESK

फहीम खान रिहाई मामले में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट के रिहाई आदेश पर फैसला बरकरार, जानें पूरा मामला।

वासेपुर के चर्चित गैंगस्टर फहीम खान की रिहाई को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में झारखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें झारखंड हाईकोर्ट के रिहाई संबंधी आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रहेगा।

मामला धनबाद के चर्चित सगीर हसन सिद्दीकी हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें फहीम खान उम्रकैद की सजा काट रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब उसकी रिहाई की प्रक्रिया को लेकर स्थिति एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

जानकारी के अनुसार, झारखंड हाईकोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को फहीम खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह छह सप्ताह के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसकी रिहाई सुनिश्चित करे।

हाईकोर्ट का यह आदेश फहीम खान की ओर से दायर याचिका पर आया था। अदालत ने मामले के तथ्यों और संबंधित कानूनी प्रावधानों को देखते हुए सरकार को तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

हालांकि, निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसके बाद फहीम खान ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की और आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती

हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।

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मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया और सरकार की याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट का फैसला प्रभावी बना रहा।

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब राज्य सरकार के सामने हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करने का रास्ता बचता है।

फहीम खान सगीर हसन सिद्दीकी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा है। यह हत्या 10 मई 1989 को हुई थी। इस मामले में लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया चली।

वर्ष 2009 में झारखंड हाईकोर्ट ने फहीम खान को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद वर्ष 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।

करीब कई दशकों से चले आ रहे इस मामले में अब रिहाई को लेकर आया नया न्यायिक फैसला फिर से चर्चा का विषय बन गया है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार की याचिका खारिज किए जाने के बाद अब सभी की नजरें आगे की कानूनी प्रक्रिया पर हैं। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार सरकार को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

हालांकि, रिहाई से पहले संबंधित विभागों द्वारा सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा। मामले से जुड़े अधिकारियों की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

फहीम खान का नाम धनबाद के वासेपुर क्षेत्र में लंबे समय से चर्चित रहा है। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामलों का इतिहास रहा है और वह क्षेत्र के चर्चित गैंगस्टरों में शामिल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद फहीम खान की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। अब आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं।

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