रजरप्पा मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई और पर्यटन विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया
NEWS SAGA DESK :
रामगढ़ के प्रसिद्ध रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मंदिर परिसर के विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
मामले में कोर्ट ने पहले सरकार से रजरप्पा मंदिर के विकास को लेकर स्पष्ट कदम उठाने को कहा था। पिछली कार्यवाही में मंदिर परिसर के लिए डीपीआर तैयार कराने और विकास कार्य आगे बढ़ाने की जानकारी अदालत को दी गई थी। बाद में सरकार की ओर से केंद्र की PRASAD योजना के जरिए वित्तीय मदद लेने पर विचार किए जाने की बात सामने आई। इसी बदलाव को लेकर अदालत ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता जय प्रकाश ने पक्ष रखा। अदालत ने पिछली सुनवाई के आदेश के संबंध में सरकार से मिले निर्देशों की जानकारी मांगी, लेकिन पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर कोर्ट ने पर्यटन विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया।
रजरप्पा मंदिर रामगढ़ जिले में दामोदर और भैरवी नदियों के संगम क्षेत्र में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। मंदिर के विकास के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं और क्षेत्र की आधारभूत व्यवस्था को लेकर भी लंबे समय से काम की जरूरत बताई जाती रही है
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