Jharkhand SIR के तहत सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो। जागरूकता, पारदर्शिता और विशेष सहायता पर जोर।
Jharkhand SIR को लेकर झारखंड सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी जिला उपायुक्तों (डीसी) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक जानकारी के अभाव में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, संशोधन कराने या अन्य आवश्यक प्रक्रिया से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को मिशन मोड में चलाया जाए और इसकी जानकारी राज्य के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए।

Jharkhand SIR के तहत जागरूकता अभियान पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि Jharkhand SIR के दौरान मतदाता गणना फॉर्म भरने की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और निर्धारित समय-सीमा को लेकर लोगों में किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं रहना चाहिए। इसके लिए पूरे राज्य में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर से लेकर शहरी क्षेत्रों तक सभी माध्यमों का उपयोग कर लोगों को जागरूक किया जाए ताकि पात्र नागरिक समय रहते अपने नाम का पंजीकरण, संशोधन या अन्य आवश्यक कार्य पूरा कर सकें। सरकार का उद्देश्य है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी भी योग्य नागरिक की भागीदारी प्रभावित न हो।
बीएलओ को नियमित प्रशिक्षण देने का निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने Jharkhand SIR अभियान की सफलता में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी बीएलओ को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे मतदाताओं को सही जानकारी उपलब्ध करा सकें।
इसके साथ ही उन्होंने बीएलओ को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की सलाह दी। उनका कहना है कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया आम लोगों के लिए सरल और पारदर्शी होनी चाहिए। यदि किसी नागरिक को जानकारी या दस्तावेजों को लेकर कठिनाई हो तो प्रशासन उसकी सहायता सुनिश्चित करे।

बुजुर्गों, दिव्यांगों और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए विशेष व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि Jharkhand SIR के दौरान बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों और आदिवासी समुदायों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक टीमें घर-घर जाकर सहायता प्रदान करें। इससे ऐसे नागरिकों को भी मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं का लाभ मिलेगा जो स्वयं कार्यालय तक पहुंचने में असमर्थ हैं। सरकार का मानना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर पात्र मतदाता की भागीदारी आवश्यक है।
प्रवासी नागरिकों तक भी पहुंचे जानकारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि झारखंड से बाहर रह रहे प्रवासी नागरिकों तक भी Jharkhand SIR अभियान की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।
इसके लिए डिजिटल माध्यमों, सोशल मीडिया और जिला प्रशासन के अन्य संचार चैनलों का उपयोग करने पर जोर दिया गया है। सरकार चाहती है कि राज्य का कोई भी पात्र मतदाता केवल जानकारी के अभाव में अपने अधिकार से वंचित न रहे।
पारदर्शिता और समयबद्ध प्रक्रिया पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि सभी आवेदन तय अवधि के भीतर निपटाए जा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाया जाए। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसके माध्यम से नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, पुराने रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन किए जाते हैं तथा मृत या स्थानांतरित मतदाताओं से संबंधित प्रविष्टियों को अद्यतन किया जाता है। इससे मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन बनी रहती है।
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जनता के लिए क्या है जरूरी (Public Information)
मतदाताओं को चाहिए कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित समय के भीतर आवेदन करें। नाम जोड़ने, संशोधन या अन्य बदलाव के लिए आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें और किसी भी भ्रम की स्थिति में अपने क्षेत्र के बीएलओ या संबंधित निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें।
सरकार का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी इस अभियान की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक जानकारी के अभाव में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, संशोधन कराने या अन्य आवश्यक प्रक्रिया से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने मिशन मोड में अभियान चलाने, जन-जागरूकता बढ़ाने, बीएलओ को प्रशिक्षित करने और जरूरतमंद नागरिकों तक प्रशासनिक सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
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