NEWS SAGA DESK
झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन करीब तीन सप्ताह से जारी है। ऐसे में सोमवार, 17 अगस्त का दिन आंदोलन की अगली दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार ने आंदोलन कर रहे छात्रों को एक बार फिर बातचीत के लिए बुलाया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आज की बैठक में कोई रास्ता निकल पाएगा और आंदोलन खत्म करने पर सहमति बनेगी?
सरकार और छात्रों के बीच सोमवार दोपहर 2 बजे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता होनी है। इस बैठक में सरकार की ओर से चार मंत्री शामिल होंगे। खास बात यह है कि छात्रों को अपने विधिक सलाहकारों के साथ बैठक में शामिल होने की अनुमति भी दी गई है। छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता ने पूरे मामले को राजनीतिक रंग भी दे दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्र-युवाओं की समस्याओं का समाधान निकालने और लंबे समय से जारी गतिरोध को खत्म करने की दिशा में पहल की है।

कांग्रेस महानगर अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा ने राहुल गांधी का संदेश मुख्यमंत्री तक पहुंचाया। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के साथ बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए और मौजूदा गतिरोध को जल्द खत्म करने की कोशिश होनी चाहिए। इस घटना के बाद सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के साथ-साथ राजनीतिक स्तर पर भी समाधान की कोशिश तेज होती नजर आ रही है।
सरकार की नई वार्ता और राहुल गांधी की पहल के बाद समाधान की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन अभी आंदोलन खत्म होने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इससे पहले हुई बातचीत में दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी थी।
इस बार छात्रों को विधिक सलाहकारों के साथ बैठक में शामिल होने का विकल्प दिया गया है। ऐसे में बातचीत के दौरान मांगों से जुड़े कानूनी प्रावधानों और प्रशासनिक पेचीदगियों पर विस्तार से चर्चा संभव है। हालांकि, आंदोलन खत्म होगा या नहीं, यह बैठक के दौरान बनने वाली सहमति पर निर्भर करेगा।
इसे भी देखें:-Mining Bill के खिलाफ Jharkhand में आंदोलन का ऐलान, RJD-Left का केंद्र पर बड़ा हमला | Ranchi
आज की बैठक का महत्व इसलिए और बढ़ गया है क्योंकि छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान कर रखा है। आंदोलनकारी छात्र सरकार से अपनी मांगों पर समय रहते निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
अगर सोमवार की वार्ता में कोई ठोस सहमति बन जाती है, तो 20 अगस्त का प्रस्तावित कार्य टल सकता है। वहीं, बातचीत विफल रहने की स्थिति में आंदोलन के और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर सभी की नजरें सोमवार दोपहर होने वाली वार्ता पर टिकी हैं। एक तरफ सरकार ने बातचीत का नया दौर शुरू किया है, दूसरी ओर राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद राजनीतिक दबाव भी बढ़ा है।
अब देखना होगा कि क्या दोनों पक्ष किसी स्वीकार्य समाधान तक पहुंचते हैं और करीब तीन सप्ताह से जारी आंदोलन को विराम मिलता है, या फिर 20 अगस्त का CM आवास घेराव आंदोलन को नई दिशा देता है। इसका जवाब आज की वार्ता के बाद ही साफ होगा।
No Comment! Be the first one.