News Saga Desk
नीट यूजी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 9 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई ने अदालत से 10 दिनों की रिमांड की मांग की थी।
सीबीआई ने रविवार को मोटेगांवकर के आवास पर छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान उसके मोबाइल फोन से मेडिकल प्रवेश परीक्षा का लीक हुआ प्रश्न पत्र बरामद हुआ, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, मोटेगांवकर नीट यूजी प्रश्नपत्र लीक और उसके प्रसार में शामिल संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था।
सीबीआई का दावा है कि मोटेगांवकर को अन्य आरोपियों के साथ परीक्षा से करीब 10 दिन पहले, यानी 23 अप्रैल को प्रश्नपत्र और उसके उत्तर प्राप्त हो गए थे। एजेंसी अब जब्त मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजेगी, ताकि डिलीट किए गए डेटा को भी रिकवर किया जा सके।
जांच में यह भी सामने आया है कि मोटेगांवकर ने लीक प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां हस्तलिखित नोट्स के रूप में कई लोगों तक पहुंचाईं, जिन्हें परीक्षा के बाद नष्ट कर दिया गया था।
इस मामले में सीबीआई पहले ही रसायन विज्ञान के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी और जीव विज्ञान की लेक्चरर मनीषा मंधारे को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों की पहचान मनीषा वाघमारे नामक महिला के जरिए हुई थी, जो फिलहाल सीबीआई हिरासत में है।
सीबीआई के मुताबिक, दोनों शिक्षकों ने वाघमारे की मदद से नीट अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले विशेष सत्रों में शामिल कराने की साजिश रची थी।
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