ओबीसी आरक्षण पर कानूनी सलाह के चलते बंगाल में 2025 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया फिलहाल स्थगित है। 365 अभ्यर्थियों की नियुक्ति और 15 हजार की काउंसलिंग रुकी।
News saga Desk
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 2025 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ओबीसी आरक्षण पर कानूनी सलाह लेने का फैसला स्कूल सेवा आयोग (SSC) ने किया है। आरक्षण नीति को लेकर स्थिति स्पष्ट होने तक नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को स्थगित कर दी। इससे माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
एसएससी के अध्यक्ष दुष्मंत नारियाला ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद किसी तरह की कानूनी जटिलता पैदा न हो, इसके लिए अधिवक्ताओं से पहले ही सलाह मांगी गई है। आयोग का उद्देश्य पारदर्शी तरीके से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करना है।
365 अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया रुकी
उच्च माध्यमिक स्तर पर 365 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग पहले ही पूरी हो चुकी है। इन अभ्यर्थियों के लिए 12, 13 और 17 अगस्त को पुलिस सत्यापन कराया जाना था। सत्यापन के बाद रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को जमा की जानी थी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने पर नियुक्ति पत्र जारी किया जाना था।
हालांकि, ओबीसी आरक्षण पर कानूनी सलाह की जरूरत के चलते फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया रोक दी गई है। इससे उन अभ्यर्थियों को इंतजार करना पड़ेगा, जिनकी काउंसलिंग पूरी हो चुकी है और जो नियुक्ति पत्र मिलने की प्रक्रिया में थे।
15 हजार अभ्यर्थियों की काउंसलिंग पर भी असर
उच्च माध्यमिक स्तर पर शेष करीब 15 हजार अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 14 अगस्त से शुरू होनी थी। लेकिन आरक्षण नीति को लेकर पैदा हुई कानूनी स्थिति के कारण अब इस कार्यक्रम के प्रभावित होने की संभावना है।

एसएससी की ओर से इस संबंध में जल्द विज्ञप्ति जारी किए जाने की बात कही गई है। आयोग द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद ही आगे की काउंसलिंग और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों को निश्चित जानकारी मिल सकेगी।
2016 भर्ती के योग्य अभ्यर्थियों की नौकरी का मामला
इस पूरे मामले में 2016 की भर्ती में नौकरी गंवाने वाले ‘योग्य’ अभ्यर्थियों का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद इन अभ्यर्थियों ने 2025 की शिक्षक भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया है।
इन अभ्यर्थियों की मौजूदा नौकरी की अवधि 31 अगस्त को समाप्त होने वाली है। लेकिन ओबीसी आरक्षण पर कानूनी सलाह और भर्ती प्रक्रिया में आई रुकावट के कारण 31 अगस्त तक पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल माना जा रहा है।
ऐसे में एसएससी इन योग्य अभ्यर्थियों की नौकरी की अवधि बढ़ाने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख करेगा। एसएससी अध्यक्ष दुष्मंत नारियाला के मुताबिक, कितनी अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया जाएगा, इस पर अधिवक्ताओं के साथ चर्चा की जाएगी।
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39,218 अभ्यर्थियों की भर्ती में भी आरक्षण अहम
नवम और दशम कक्षा के स्तर पर कुल 39,218 अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हैं। इनमें से करीब 15 हजार अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो चुका है। अब इस स्तर पर भी ओबीसी आरक्षण नीति को अंतिम रूप दिए जाने का इंतजार है।
नीति स्पष्ट होने के बाद ही दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति से जुड़ी शेष प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे साफ है कि आरक्षण से जुड़ा फैसला शिक्षक भर्ती के अलग-अलग चरणों पर सीधा असर डाल रहा है।
एसएससी अध्यक्ष दुष्मंत नारियाला ने कहा कि आयोग ओबीसी आरक्षण पर कानूनी सलाह इसलिए ले रहा है, ताकि आगे भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की कानूनी अड़चन न आए। आयोग जल्दबाजी में ऐसा निर्णय नहीं लेना चाहता, जिससे बाद में नियुक्तियों पर विवाद खड़ा हो।
आयोग का कहना है कि कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद पारदर्शी और शीघ्र तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल अभ्यर्थियों को आधिकारिक विज्ञप्ति और अगले निर्णय का इंतजार करना होगा।
इस बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने आयोग में चार नए सदस्यों को शामिल करने के लिए मंगलवार को विज्ञप्ति जारी की है। इससे आयोग के कामकाज में भी बदलाव की प्रक्रिया शुरू हुई है।
एसएससी अध्यक्ष ने यह भी जानकारी दी कि विद्यालयों में समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ कर्मचारियों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का परिणाम दुर्गापूजा से पहले जारी किए जाने की संभावना है।
फिलहाल ओबीसी आरक्षण पर कानूनी सलाह के बाद ही 2025 शिक्षक भर्ती की आगे की तस्वीर साफ होगी। नियुक्ति पत्र, काउंसलिंग और दस्तावेज सत्यापन से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब एसएससी की आगामी विज्ञप्ति और कानूनी प्रक्रिया पर टिकी है।
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