रांची में Blinkit राइडर्स ने पेआउट और कार्य व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर हड़ताल की। राइडर्स ने मांगें नहीं मानने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
News Saga Desk
रांची में Blinkit राइडर्स हड़ताल पर बैठ गए हैं। राजधानी के कांके रोड स्थित ब्रह्मचारी नगर में शनिवार को डिलीवरी राइडर्स ने कामकाज बंद कर कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया। राइडर्स ने बेहतर पेआउट, कार्य समय में सुधार और कामकाज की व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान राइडर्स ने कंपनी के विरोध में नारेबाजी भी की।
हड़ताल पर बैठे राइडर्स का कहना है कि मौजूदा भुगतान व्यवस्था और कार्य प्रणाली के कारण उनके लिए काम करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। उनका आरोप है कि वे अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर पहले भी फ्लीट कोच के समक्ष अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से राइडर्स ने काम बंद कर विरोध जताने का फैसला लिया।
कांके रोड पर राइडर्स का प्रदर्शन
शनिवार को ब्रह्मचारी नगर में बड़ी संख्या में Blinkit डिलीवरी राइडर्स एकत्र हुए। उन्होंने काम बंद कर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान राइडर्स ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की और बेहतर कार्य व्यवस्था की मांग रखी।
Blinkit राइडर्स हड़ताल के दौरान प्रदर्शनकारियों का कहना था कि डिलीवरी का काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पेआउट उनकी मेहनत और काम से जुड़े खर्चों के अनुरूप होना चाहिए। राइडर्स के अनुसार, डिलीवरी के दौरान ईंधन, वाहन के रखरखाव और समय जैसे कई खर्च जुड़े होते हैं। ऐसे में मौजूदा पेआउट व्यवस्था उनके लिए आर्थिक दबाव बढ़ा रही है।
राइडर्स ने यह भी कहा कि केवल भुगतान में सुधार ही पर्याप्त नहीं है। कार्य समय और डिलीवरी से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी बदलाव की जरूरत है, ताकि काम करने वालों के लिए बेहतर और व्यावहारिक माहौल बनाया जा सके।
पेआउट बढ़ाने की मुख्य मांग
प्रदर्शन कर रहे राइडर्स की प्रमुख मांग बेहतर पेआउट को लेकर है। उनका कहना है कि मौजूदा भुगतान के मुकाबले डिलीवरी के लिए किए जाने वाले प्रयास और खर्च अधिक हैं। इसलिए कंपनी को पेआउट संरचना पर पुनर्विचार करना चाहिए।
राइडर्स का दावा है कि वे लगातार कंपनी के लिए सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में उन्हें आर्थिक रूप से अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि यदि पेआउट में उचित वृद्धि होती है तो डिलीवरी राइडर्स के लिए काम करना अधिक टिकाऊ हो सकता है।
Blinkit राइडर्स हड़ताल के दौरान कार्य समय को लेकर भी सवाल उठाए गए। राइडर्स ने कहा कि काम के घंटे और अन्य कार्य व्यवस्थाओं में सुधार किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने में आसानी हो।
पहले भी रख चुके हैं अपनी समस्याएं
प्रदर्शन में शामिल राइडर्स के अनुसार, उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कई बार फ्लीट कोच के सामने समस्याएं रखी हैं। उनका कहना है कि संबंधित स्तर पर शिकायतें पहुंचाने के बावजूद अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।

राइडर्स का आरोप है कि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने सामूहिक रूप से काम बंद करने और प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकलना चाहिए, लेकिन इसके लिए कंपनी को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना होगा।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
राइडर्स ने स्पष्ट किया है कि यदि कंपनी जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती है तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर प्रदर्शन को और व्यापक बनाने की चेतावनी दी है।
Blinkit राइडर्स हड़ताल के कारण रांची में डिलीवरी सेवाओं पर इसका असर पड़ने की संभावना है। यदि हड़ताल लंबी चलती है तो ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि, फिलहाल हड़ताल की अवधि और कंपनी की ओर से इस संबंध में किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।
डिलीवरी राइडर्स की कार्य परिस्थितियों पर चर्चा
डिलीवरी आधारित प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ राइडर्स की कार्य परिस्थितियां भी लगातार चर्चा का विषय रही हैं। डिलीवरी राइडर्स के काम में वाहन का खर्च, ईंधन, ट्रैफिक, मौसम और समय की पाबंदी जैसी कई चुनौतियां शामिल होती हैं। ऐसे में भुगतान और कामकाज की व्यवस्था उनके लिए महत्वपूर्ण मुद्दे बन जाते हैं।
रांची में हुए प्रदर्शन ने एक बार फिर डिलीवरी राइडर्स की आय और कार्य परिस्थितियों से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। प्रदर्शनकारी राइडर्स का कहना है कि वे कंपनी से किसी टकराव के बजाय व्यावहारिक समाधान चाहते हैं।
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कंपनी के जवाब पर टिकी नजर
फिलहाल राइडर्स अपनी मांगों पर कंपनी के सकारात्मक निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में पेआउट बढ़ाना और कार्य व्यवस्था में सुधार शामिल है। राइडर्स ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर बातचीत और समाधान की पहल होती है तो स्थिति सामान्य हो सकती है।
वहीं, यदि मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो प्रदर्शन के आगे बढ़ने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी रांची के Blinkit राइडर्स हड़ताल को लेकर क्या कदम उठाती है और राइडर्स की मांगों पर किस तरह की प्रतिक्रिया देती है।
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