आंध्र-ओडिशा तट पर टकराया ‘डीप डिप्रेशन’, 75 KM/H की हवाओं से भारी बारिश

NEWS SAGA DESK

उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर डीप डिप्रेशन के लैंडफॉल के बाद 75 किमी/घंटे की हवाओं और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। ओडिशा के 15 जिलों में जनजीवन ठप, पढ़ें IMD की चेतावनी।

बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव (Deep Depression) आखिरकार भारी तबाही की आशंकाओं के बीच आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों से टकरा गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह मौसमी सिस्टम पिछले कुछ घंटों में बेहद धीमी गति से आगे बढ़ते हुए तटीय इलाकों में दाखिल हुआ। लैंडफॉल के दौरान तटीय क्षेत्रों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलीं, जो बीच-बीच में झोंकों के साथ 75 किलोमीटर प्रति घंटे की भीषण गति तक पहुंच गईं। इन तूफानी हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते तटीय इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल है।

बंगाल की खाड़ी
कलिंगपट्टनम के पास हुआ लैंडफॉल

मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस डीप डिप्रेशन ने 23 सितंबर की देर रात लगभग 11:00 बजे से 24 सितंबर की तड़के 1:00 बजे के बीच आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम तट को पार किया। तट पार करते समय हवा की प्रचंड रफ्तार ने कई जगहों पर पेड़, बिजली के खंभे और होर्डिंग्स उखाड़ फेंके।

ताजा स्थिति के अनुसार, यह सिस्टम उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर केंद्रित है। इसकी वर्तमान लोकेशन कलिंगपट्टनम से लगभग 50 किलोमीटर पश्चिम, विशाखापत्तनम से 80 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व और ओडिशा के गोपालपुर से महज 170 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में दर्ज की गई है।

ओडिशा के 15 जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त, भूस्खलन और जलभराव

लैंडफॉल के बाद सबसे ज्यादा तबाही दक्षिणी ओडिशा के इलाकों में देखने को मिली है। बारिश और तूफानी हवाओं के कारण राज्य के कम से कम 15 जिलों में आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए निचले और खतरनाक इलाकों से 2,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया है।

कोरापुट, गंजाम और गजपति जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन (Landslide), सड़कों पर जलभराव और कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं।

बारिश के मुख्य आंकड़े:

  • सेमिलिगुड़ा: 230 मिमी (पिछले 24 घंटों में)
  • जेपोर: 160 मिमी से अधिक
  • बरहामपुर (गंजाम): 150 मिमी
  • कोरापुट: 120 मिमी

इसके अलावा मलकानगिरी, रायगढ़ा, नबरंगपुर और कालाहांडी जिलों में भी नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।

अगले 12 घंटे भारी, फिर धीरे-धीरे मिलेगी राहत

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवाती दबाव का खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 12 घंटों तक यह सिस्टम अपनी पूरी क्षमता के साथ ‘डीप डिप्रेशन’ की तीव्रता बनाए रखेगा और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा। इस दौरान आंध्र प्रदेश और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में भीषण बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा।

हालांकि, राहत की खबर यह है कि इसके बाद यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुड़ेगा और अगले 24 घंटों के भीतर धीरे-धीरे कमजोर पड़कर कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन टीमों को अलर्ट पर रखा है और आम जनता से सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

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