Ranchi HEC बाईपास रोड अतिक्रमण अभियान पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत ने अतिक्रमणकारियों को 31 दिसंबर तक खुद जमीन खाली करने का निर्देश दिया।
News Saga Desk
रांची के HEC इलाके में बाईपास रोड पर चल रहे Ranchi HEC बाईपास रोड अतिक्रमण अभियान पर झारखंड हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस आनंदा सेन की अदालत ने रांची के उपायुक्त (DC) और SSP को जिला प्रशासन की कार्रवाई तत्काल रोकने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को संबंधित लोग खुद 31 दिसंबर तक हटा लें।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद बाईपास रोड इलाके में प्रशासन की ओर से चलाया जा रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान फिलहाल थम गया है। अदालत का निर्देश आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आया है। इससे प्रभावित लोगों को अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाने के लिए समय मिल गया है।
हाईकोर्ट में हुई मामले की सुनवाई
मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में न्यायाधीश जस्टिस आनंदा सेन की अदालत में हुई। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अखौरी अविनाश कुमार ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान बाईपास रोड में चल रही प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर अदालत का ध्यान आकर्षित कराया गया।
इस मामले में अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने कोई फीस नहीं ली है। सुनवाई के बाद अदालत ने तत्काल प्रभाव से जिला प्रशासन की कार्रवाई रोकने का निर्देश दिया। साथ ही अतिक्रमण करने वाले लोगों को 31 दिसंबर तक सरकारी जमीन से स्वयं अतिक्रमण हटाने को कहा गया है।
क्या है HEC बाईपास रोड का मामला
रांची के HEC इलाके में बाईपास रोड के आसपास सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही थी। अभियान के तहत अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसी कार्रवाई को लेकर मामला झारखंड हाईकोर्ट पहुंचा।
Ranchi HEC बाईपास रोड अतिक्रमण अभियान के दौरान बुधवार को भी इलाके में तनाव की स्थिति बनी थी। प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, जिसका स्थानीय लोगों के एक समूह ने विरोध किया था। विरोध के दौरान सड़क जाम और प्रशासनिक टीम के साथ टकराव की स्थिति सामने आई थी। इसके बाद इलाके में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की मौजूदगी भी रही।

अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को अपनी कार्रवाई रोकनी होगी और अतिक्रमणकारियों को खुद सरकारी जमीन खाली करने के लिए निर्धारित समय दिया गया है।
इसे भी देखे- Sudivya Kumar Sonu को श्रद्धांजलि देने पहुंचे CM Hemant Soren |
31 दिसंबर तक खुद हटाना होगा अतिक्रमण
अदालत ने अतिक्रमणकारियों को राहत देते हुए तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगाई है, लेकिन सरकारी जमीन पर कब्जा बनाए रखने की अनुमति नहीं दी है। कोर्ट के निर्देश के अनुसार संबंधित लोगों को 31 दिसंबर तक खुद अतिक्रमण हटाना होगा।
इस आदेश के बाद प्रभावित लोगों के सामने अब तय समयसीमा के भीतर अपने कब्जे हटाने की जिम्मेदारी होगी। प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देश और निर्धारित समयसीमा के अनुसार होने की संभावना है।
No Comment! Be the first one.