NEWS SAGA DESK
मारवाड़ी सहायक समिति की ओर से आयोजित चार दिवसीय विरासत मेले में देशभर से आई महिला उद्यमियों ने लगाए 90 से अधिक स्टॉल। हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान, खानपान और लोक संस्कृति के आकर्षण से उमड़ी लोगों की भीड़।

राजधानी रांची में भारतीय कला, संस्कृति और पारंपरिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मारवाड़ी सहायक समिति की ओर से हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन परिसर में आयोजित चार दिवसीय परंपरा कला एवं विरासत मेले के तीसरे दिन शनिवार को लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। मेले में हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान, घरेलू सजावटी सामान, आभूषण, हस्तनिर्मित उत्पाद और क्षेत्रीय खानपान आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेले के तीसरे दिन विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में शिव तांडव नृत्यनाटिका का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा मंत्री संजय सेठ और वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने मेले में प्रदर्शित उत्पादों और महिला उद्यमियों के प्रयासों की सराहना की।
महिला उद्यमियों को मिला सशक्त मंच
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि महिलाओं की ओर से लघु और छोटे उद्योगों के माध्यम से तैयार किए जा रहे उत्पाद समाज की परंपरा और संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन महिला उद्यमियों को अपने हुनर को प्रदर्शित करने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने मारवाड़ी समाज की एकता और सामाजिक परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि आपसी सहयोग और सम्मान की भावना से ही ऐसी सांस्कृतिक परंपराएं लगातार आगे बढ़ती हैं।
मारवाड़ी समाज ने सेवा कार्यों से बनाई पहचान: संजय सेठ
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मारवाड़ी समाज ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि समाज ने स्कूल, अस्पताल, मुक्तिधाम और पनशाला जैसी सेवाओं के माध्यम से मानव सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने मेले में महिला उद्यमियों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
90 से अधिक स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
आयोजकों के अनुसार, मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आई महिला उद्यमियों ने 90 से अधिक स्टॉल लगाए हैं। इन स्टॉलों पर अलग-अलग राज्यों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।
मेले में हस्तशिल्प सामग्री, पारंपरिक कपड़े, सिल्क और सूती वस्त्र, गृह सज्जा की वस्तुएं, हस्तनिर्मित उत्पाद, आभूषण, हर्बल उत्पाद और कई रचनात्मक सामान उपलब्ध हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय और पारंपरिक खानपान की व्यवस्था भी लोगों को आकर्षित कर रही है।
इसे भी देखें:-Ranchi JPSC-JSSC Protest: Chaos in Ranchi, Major Uproar Amidst the Agitation | JPSC News Today
पिछले तीन दिनों से मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। लोग खरीदारी के साथ-साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद भी ले रहे हैं।
परंपरा कला एवं विरासत मेले का उद्देश्य भारतीय कला, लोक संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना भी आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है।
No Comment! Be the first one.