रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची के इटकी टीबी सेनेटोरियम का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा कर संस्थान के आधुनिकीकरण और मरीजों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए।
इटकी टीबी सेनेटोरियम को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस करने की दिशा में केंद्र सरकार ने गंभीर पहल के संकेत दिए हैं। रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ ने बुधवार को रांची के इटकी स्थित ऐतिहासिक टीबी सेनेटोरियम का निरीक्षण कर वहां की चिकित्सा व्यवस्था, आधारभूत संरचना और मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर संस्थान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और संसाधनों की कमी दूर करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सुविधाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
इटकी टीबी सेनेटोरियम के निरीक्षण के दौरान संजय सेठ ने अस्पताल परिसर, उपचार व्यवस्था, उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर संस्थान में मौजूद चुनौतियों और उन्हें दूर करने की कार्ययोजना पर चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “टीबी मुक्त भारत” अभियान को सफल बनाने के लिए देश के प्रमुख टीबी उपचार केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इटकी टीबी सेनेटोरियम झारखंड का एक महत्वपूर्ण संस्थान है और इसे फिर से उसकी पुरानी प्रतिष्ठा दिलाने की जरूरत है।
1928 से टीबी उपचार का प्रमुख केंद्र
रक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 1928 में स्थापित इटकी टीबी सेनेटोरियम कभी देश के प्रतिष्ठित टीबी उपचार संस्थानों में गिना जाता था। आज भी झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी, पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों का अभाव और आधुनिक उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

डिजिटल एक्स-रे मशीन वर्षों से बंद
निरीक्षण के दौरान संजय सेठ ने वर्ष 2019 से खराब पड़ी डिजिटल एक्स-रे मशीन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण संस्थान में वर्षों तक यह मशीन बंद रहना गंभीर लापरवाही का मामला है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संस्थान की सभी आवश्यकताओं का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए, ताकि जल्द से जल्द आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
आधुनिक सुविधाओं से होगा संस्थान का विकास
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इटकी टीबी सेनेटोरियम की आधारभूत संरचना को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने और मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक मरीज को समय पर जांच, गुणवत्तापूर्ण उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।

Background
रांची के इटकी में स्थित टीबी सेनेटोरियम वर्ष 1928 में स्थापित किया गया था। लंबे समय तक यह पूर्वी भारत के प्रमुख क्षय रोग (टीबी) उपचार केंद्रों में शामिल रहा है। यहां झारखंड समेत पड़ोसी राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। हालांकि समय के साथ संसाधनों और आधुनिक उपकरणों की कमी के कारण संस्थान की सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
Impact
यदि संस्थान में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मी और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, तो हजारों टीबी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का लाभ मिलेगा। इससे राज्य में टीबी नियंत्रण अभियान को भी मजबूती मिलेगी और “टीबी मुक्त भारत” अभियान को गति मिलेगी।
Official Statement
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि इटकी टीबी सेनेटोरियम को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को संस्थान की आवश्यकताओं का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए और भरोसा दिलाया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
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Public Information
टीबी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच और उपचार कराना बेहद जरूरी है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी की जांच और उपचार निःशुल्क उपलब्ध है। मरीज और उनके परिजन किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या टीबी उपचार केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
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