सावन की अंतिम सोमवारी पर देवघर अलर्ट, 1.87 लाख ने किया जलार्पण

NEWS SAGA DESK

देवघर में सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन अलर्ट है। बाबा मंदिर में भारी भीड़ की संभावना के बीच सुरक्षा, कतार और जलार्पण व्यवस्था मजबूत की गई है।

देवघर के बाबा वैद्यनाथ मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। अंतिम सोमवारी पर बड़ी संख्या में कांवरियों और श्रद्धालुओं के बाबा मंदिर पहुंचने की संभावना है। रविवार शाम से ही देवघर में कांवरियों की भीड़ बढ़ने लगी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मंदिर प्रभारी एसडीएम रवि कुमार ने कर्मचारियों को सतर्क रहने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करने का निर्देश दिया है।

सावन की अंतिम सोमवारी

रविवार को 1.87 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण

श्रावणी मेले के 25वें दिन रविवार को बाबा वैद्यनाथ मंदिर का पट निर्धारित समय पर खोला गया। पट खुलने के बाद पुजारी राकेश झा ने बाबा भोलेनाथ की दैनिक सरदारी पूजा संपन्न करायी। इसके बाद सुबह 4:11 बजे से आम कांवरियों के लिए अरघा के माध्यम से जलार्पण शुरू हुआ।

रविवार को कुल 1,87,239 श्रद्धालुओं ने अरघा के जरिए बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण किया। इनमें बाहरी अरघा से 86,364 और आंतरिक अरघा से 1,00,875 श्रद्धालुओं ने बाबा पर जल चढ़ाया। आंकड़े बताते हैं कि अंतिम सोमवारी से पहले ही बाबा नगरी में श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी रही।

मंदिर से बाहर तक पहुंची कांवरियों की कतार

रविवार को श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का असर कतार व्यवस्था पर भी देखने को मिला। बाहरी अरघा से जलार्पण करने वाले कांवरियों की कतार मंदिर परिसर से बाहर निकलकर सरदार पंडा लेन तक पहुंच गयी। भीड़ बढ़ने के साथ कतार लगातार लंबी होती गयी।

ओवरब्रिज गली में भी कांवरियों की लंबी कतार लगी रही। इसके कारण कई घंटों तक जाम जैसी स्थिति बनी रही। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु रखने में जुटी रहीं।

पुलिस बल की तैनाती से भीड़ नियंत्रण

सावन की अंतिम सोमवारी पर संभावित भीड़ को देखते हुए बाबा मंदिर और आसपास के मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गयी है। पुलिसकर्मी कतार को व्यवस्थित करने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी नजर रख रहे हैं।

प्रशासन का प्रयास है कि भीड़ बढ़ने के बावजूद जलार्पण की प्रक्रिया व्यवस्थित बनी रहे। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में तैनात सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

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